फर्जी चालानों और आईटीसी के नेटवर्क का पूरा दायरा उजागर करने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर चोरी और फर्जी आईटीसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) लुधियाना ने शहर में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर 311 करोड़ रुपये के बड़े फर्जी जीएसटी चालान घोटाले का पर्दाफाश किया है।
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यह घोटाला लोहे और इस्पात सेक्टर की एक प्रमुख निर्माण कंपनी से जुड़ा है, जिसने नकली चालानों के जरियै सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया।
जांच में पता चला कि कंपनी ने 47.50 करोड़ रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया और इसे अपनी जीएसटी देनदारियों के समायोजन में इस्तेमाल किया। वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति नहीं हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह घोटाला सुनियोजित था और इसमें कई फर्जी फर्मों का नेटवर्क शामिल था।
तलाशी के बाद कंपनी के संचालन में शामिल पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया गया। उन्हें केंद्रीय जीएसटी अधिनियम, 2017 के तहत अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया। सीजीएसटी लुधियाना कमिश्नरेट ने कहा कि जांच अभी जारी है।
बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल
फर्जी चालानों और आईटीसी के नेटवर्क का पूरा दायरा उजागर करने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर चोरी और फर्जी आईटीसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा हो और सभी के लिए समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सके।