नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने जारी की अधिसूचना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में 96 और काॅलोनियों को वैध किया है। छह जिलों की यह काॅलोनियां शहरी स्थानीय निकाय संस्थाओं के क्षेत्र से बाहर की हैं। अब इन काॅलोनियों में हरियाणा सरकार मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। हालांकि, इसके लिए अलग-अलग दरों के हिसाब से स्थानीय लोगों को विकास शुल्क देना होगा। इस संबंध में ग्राम एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने सभी जिलों के लिए अलग अलग अधिसूचना जारी की हैं।
सबसे अधिक फरीदाबाद जिले की 30 और गुरुग्राम जिले की काॅलोनियों को वैध किया गया है और सबसे कम रोहतक जिले की 2 काॅलोनियां शामिल हैं। नई वैध की गई काॅलोनियां नगर पालिका क्षेत्र से बाहर कस्बों और गांवों में लाल डोरे से बाहर की हैं। इन काॅलोनियों को वैध करने के लिए संबंधित जिलों के डीटीपी की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद वीरवार को विभाग ने इन काॅलोनियों को वैध करने के लिए आदेश जारी किए हैं। काॅलोनियों के वैध होने से प्रदेश के लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि इससे पहले शहरी स्थानीय निकाय विभाग भी काॅलोनियों को वैध कर चुका है।
विकास के लिए देना होगा शुल्क
अधिसूचना के अनुसार, इन काॅलोनीवासियों को काॅलोनियों में विकास कराने के लिए विकास शुल्क देना होगा। खाली पड़े प्लाॅट के लिए कलेक्टर रेट का 8 प्रतिशत और निर्मित क्षेत्र पर कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत शुल्क देना होगा। इसके अलावा, काॅलोनी में अगर निर्धारित 4 प्रतिशत से अधिक कॉमर्शियल जगह है तो इसके बदल कलेक्टर रेट का तीन गुणा विकास शुल्क देना होगा। वहीं, कालोनी के अंतर्गत आने वाली कृषि भूमि के लिए कलक्टर दर पर विचार किया जाएगा।
जिला वैध कॉलोनी
जिला
कॉलोनी
फरीदाबाद
30
गुरुग्राम
21
सोनीपत
12
रोहतक
2
झज्जर
13
कैथल
18