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Chandigarh News: मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का डर दिखा 9.51 लाख ठगे

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चंडीगढ़। मलोया की रहने वाली एक महिला के साथ 9.51 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने महिला को वीडियो कॉल कर मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में शामिल होने का डर दिखाकर गिरफ्तारी की धमकी दी। हालांकि, उसे जब ठगी का पता चला तो पुलिस को शिकायत दी। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शिकायतकर्ता महिला ज्योति ने बताया कि 5 अगस्त को टेलीकॉम से फोन आया कि उसका सिम बंद कर रहे हैं। जब इसका कारण पूछा तो बताया कि ज्योति नाम से मुंबई हमले में एक सिम निकाला गया है। उस नंबर से पिछले महीने में कई लोगों को हरासमेंट मैसेज भेजे गए हैं। महिला ने कहा कि वह तो कभी मुंबई ही नहीं गई तो शातिर ने उसकी फोन कॉल किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर दी। कॉल ट्रांसफर होने पर दूसरे व्यक्ति ने बात करते समय उनकी शिकायत दर्ज करने की बात कही और किसी अन्य को फोन कर पूछा कि ज्योति के नाम पर कोई अन्य सिम तो नहीं चल रहा है। बात करते समयपीछे से सायरन बजने लगा और उसे बताया कि इस महिला के नाम पर तो पुलिस के वारंट कटे हैं। यह ज्योति महिला अशोक गुप्ता के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी में शामिल है। उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। कॉलर ने बताया कि उसके नाम पर मुंबई में एचडीएफसी बैंक में खाता भी खुला है, जिसमें काफी लेनदेन हो रही है।
महिला को कुछ देर बाद दोबारा फाेन आया और उसे दो घंटे में मुंबई पहुंचने के लिए कहा गया। महिला ने मना किया तो कहा कि वह उनकी कॉल अपने सीनियर अधिकारी को ट्रांसफर कर रहे हैं। इसके बाद फोन किसी अन्य को ट्रांसफर कर दिया। उसके बाद कहा कि सीबीआई आपके पापा, बच्चे और पति को उठा लेगी। महिला शातिरों की बातों में आ गई। शातिरों ने उसे वीडियो कॉल कर कुछ दस्तावेज दिखाए तो महिला को विश्वास हो गया। शातिरों ने पैसे देकर मामले को खत्म करने के लिए कहा और महिला को दो खाता नंबर भेजा। शातिरों न कहा कि जब तक आरबीआई के आर्डर नहीं आते, तब तक पैसे ट्रांसफर नहीं करने हैं। इसके बाद शातिरों ने उसे सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से निकाले हुए कुछ फर्जी आर्डर दिखाए जिसके बाद वह गिरफ्तारी से डर गई। शातिरों ने उससे 9 लाख 51 हजार 347 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। महिला ने परिजनों को बताया तो पता चला कि धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।
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