चंडीगढ़। ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर एक बार फिर से डर का माहौल पैदा हो गया है। 25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच यूके से 92 यात्री चंडीगढ़ पहुंचे हैं, लेकिन प्रशासन अभी तक सिर्फ 37 यात्रियों तक ही पहुंच पाया है। बाकी कहां है, किसी को जानकारी नही हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस कर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को उन यात्रियों की सूची सौंप दी है, जिन्होंने पिछले करीब एक महीने में ब्रिटेन से चंडीगढ़ की यात्रा की है। सूची मिलने के बाद प्रशासन ने एक हेल्प डेस्क की स्थापना कर उन यात्रियों से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार 9 दिसंबर से 21 दिसंबर के बीच यूके से 52 यात्री चंडीगढ़ पहुंचे हैं। इनमें से वीरवार तक 37 यात्रियों से चंडीगढ़ प्रशासन संपर्क साथ पाया है, जबकि 17 यात्रियों ने फोन नहीं उठाया। वहीं, प्रशासन ने पता किया तो इनमें से एक यात्री गोवा घूम रहा है, जबकि एक वापस यूके लौट गया है। बाकी यात्रियों से प्रशासन अभी तक संपर्क नहीं साध सका है। वे यात्री अभी कहां घूम रहे हैं, किसी को इसकी जानकारी नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस को भी यात्रियों की लिस्ट सौंपी गई है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह इनके घर जाकर जांच करें कि वह घर में हैं या नहीं।
यूके से लौटे यात्रियों से प्रशासन ने लिया अंडरटेकिंग
यूके से लौटने वाले यात्रियों में अगर कोविड के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल हॉस्टल में रखा जाएगा। प्रशासन की ओर से उसे आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। प्रशासन के अनुसार यात्रियों से एक अंडरटेकिंग भी ली गई है कि उन्हें अगले 14 दिन तक होम क्वारंटीन में रहना होगा। घर में रहने वाले मरीजों पर नजर रखने के लिए पुलिस बीट के स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जिन यात्रियों से संपर्क साधा है, उन्हें कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं और लक्षण दिखने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9779558282 व 0172-2752038 पर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि प्रशासन ने कुछ दिन पहले केंद्र से उन यात्रियों की सूची मांगी थी, जिन्होंने बीते दिनों यूके से चंडीगढ़ की यात्रा की है। वीरवार को यह सूची चंडीगढ़ प्रशासन को मिली है। इसके बाद यात्रियों तक पहुंचने की दौड़ भाग शुरू हो गई हैं। बुधवार को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने भी कोरोना वायरस के नए रूप को लेकर चिंता जताई थी और शहरवासियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे।