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Chandigarh News: सीटीयू कंडक्टर भर्ती परीक्षा धांधली में 89 आरोपी बरी

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चंडीगढ़। जिला अदालत ने चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) कंडक्टर की भर्ती परीक्षा धांधली में शुक्रवार को सभी 89 आरोपियों को एक साथ बरी कर दिया।कंडक्टर भर्ती के लिए तीन अक्तूबर 2010 में लिखित परीक्षा हुई थी। 25 फरवरी 2011 में परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 144 अभ्यर्थी शार्टलिस्ट किए गए थे। इन 144 में से 139 अभ्यर्थी हरियाणा के निवासी थे, जिनमें 90 से ज्यादा सोनीपत जिले के थे। इसके बाद मार्च 2011 में लिखित परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया गया था। इस मामले में संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने सीटीयू के निदेशक परिवहन की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई थी। इस पूरे मामले की जांच के बाद परीक्षा पास करने वाले कुल 89 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 511 और 120 बी के तहत केस दर्ज किया गया था लेकिन अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा, जिस पर अदालत ने सभी को बरी कर दिया।
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फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
आरोपियों के वकील गगन अग्रवाल, अमित खरियाल, हरीश भारद्वाज और दिनेश गोयल ने बताया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा है। इस मामले में जो गवाह बनाए गए थे, उन्होंने किसी भी आरोपी की पहचान ही नहीं की। वहीं, मामले में जो असली आरोपी थे, वे जांच में शामिल ही नहीं हुए थे। पुलिस फर्जी अभ्यर्थियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही। इसके अलावा मामले की जांच कमेटी के सदस्यों ने जिन अभ्यर्थियों के हस्ताक्षरों व हैंड राइटिंग की जांच की थी, ने भी अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया। क्योंकि कमेटी की जांच के दौरान कोई भी अभ्यर्थी उनके सामने उपस्थित नहीं हुआ। वहीं, सीएफएसएल रिपोर्ट में भी हैंडराइटिंग सैंपल में यह साबित नहीं हो पाया कि लिखाई उस अभ्यर्थी की है या किसी दूसरे की है। इन सभी तथ्यों के आधार पर अदालत ने सभी को बरी कर दिया।
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