चंडीगढ़। वार्ड नंबर-12 के पार्षद व वकील सौरभ जोशी ने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को एक पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि चंडीगढ़ की सरकारी व निजी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 85 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने एक नीति बनाने की मांग की है ताकि शहर के युवाओं को बेरोजगारी का सामना न करना पड़े।
जोशी ने पत्र में लिखा है कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी है लेकिन वहां पर चंडीगढ़ के नागरिकों के लिए न तो नौकरियों में कोई आरक्षण है और न ही कॉलेज और यूनिवर्सिटी में। प्रशासन के पास कोई आरक्षण नीति भी नहीं है जबकि रेगुलर, आउटसोर्स, कांट्रेक्चुअल नौकरी और यूनिवर्सिटी व अन्य कॉलेजों में शहर के युवाओं के लिए आरक्षण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा सरकार स्थानीय युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता और अन्य तरह की सुविधाएं दे रही हैं लेकिन चंडीगढ़ के युवाओं के लिए वहां कोई जगह नहीं है इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन को स्थानीय युवाओं के लिए व्यवस्था करनी चाहिए और 85 फीसदी आरक्षण की नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की निजी नौकरियों में भी स्थानीय युवाओं को आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए जल्द फैसला लेना चाहिए ताकि शहर के युवाओं को बेरोजगार न भटकना पड़े।