- 2013 में पूरे प्रदेश से 1218 नाबालिग बच्चे गायब हुए। इसमें 1152 नाबालिगों को ढूंढने में पुलिस सफल रही, जबकि 66 मामले अभी तक अनट्रेस हैं।
- 2014 में 1409 नाबालिग लापता हो गए, इसमें पुलिस 1282 को ढूंढने में सफल रही, जबकि 127 का कुछ पता नहीं चल सका।
- 2015 में 1172 नाबालिग लापता हुए, इसमें 1052 पुलिस को मिल गए जबकि 120 का कुछ पता नहीं चला।
- 2016 में 1053 नाबालिग लापता हुए, इसमें 893 मिले, जबकि 160 का कुछ पता पता नहीं लगा।
- 2017 में 1006 नालाबिग लापता हो गए, इसमें 826 मिल गए 180 नहीं मिल सके।
- 2018 में 1231 नाबालिग लापता हुए इसमें 897 को पुलिस ढूंढ सकी, जबकि 334 का कुछ पता नहीं चला।
- 31 अक्तूबर 2019 तक 1343 नाबालिग लापता हुए इसमें 839 मिले जबकि 504 का कुछ पता नहीं चल सका है।
नाबालिग लड़कियों के अनट्रेस केस ज्यादा
अनट्रेस केस पर गौर करें तो सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां अभी तक नहीं मिल सकी हैं। छह साल के दौरान 1012 लापता नाबालिग लड़कियों का कुछ पता नहीं चल सका है। 2013 में 28, 2014 में 54, 2015 में 73, 2016 में 106, 2017 में 114, 2018 में 241 और 31 अक्तूबर 2019 तक 396 नाबालिग लड़कियों का कुछ पता नहीं चल पाया।
जिला वार अनट्रेस केस
लुधियाना 319
श्री मुक्तसर साहिब 128
जालंधर 107
एसएएस नगर 99
तरनतारन 81
अमृतसर 81
फिरोजुपर 71
संगरूर 65
पटियाला 64
जालंधर देहात 49
फाजिल्का 46
कपूरथला 46
होशियारपुर 36
एसबीएस नगर 34
फरीदकोट 33,
खन्ना 32,
रूपनगर 30,
बरनाला 27,
लुधियाना देहात 26,
अमृतसर देहात 24,
बठिंडा 24,
बटाला 20,
फतेहगढ़ साहिब 16,
मोगा 13,
जीआरपी पटियाला 7,
मानसा 5 और
गुरदासपुर शून्य।