हरियाणा रोडवेज की किलोमीटर स्कीम में बड़े घोटाले की आशंका सही साबित नजर होती आ रही है। रोडवेज के कर्मचारी नेताओं ने दावा किया है कि विजिलेंस जांच में 80 से 90 करोड़ का घोटाला निकल कर सामने आएगा।
सीएम मनोहर लाल के निर्देश पर विजिलेंस जांच पूरी हो चुकी है। विजिलेंस ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सरकार इस पर मंथन कर रही है। 17 जुलाई को सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपी जाएगी। जिसमें किलोमीटर स्कीम के तहत ठेके पर ली जा रही 510 बसों के टेंडर का सच सामने आने की उम्मीद है।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, वरिष्ठ उप-प्रधान सुरेश लाठर, उप-महासचिव मायाराम उनियाल, कैशियर विनोद शर्मा व आडिटर पवन शांभली ने कहा कि सूत्रों अनुसार विजिलेंस जांच में 510 बसों के टेंडर में 80 से 90 करोड़ की वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई है।
जिस पर से 17 जुलाई को हाईकोर्ट में पूरी तरह से पर्दा उठने की संभावना है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने मामूली शिकायत व रिपोर्ट के आधार पर लगभग 200 परिचालक व अकस्मात दुर्घटना होने पर 250 चालकों को सस्पेंड किया हुआ है। ये लगभग 9-10 महीने से लगातार सस्पेंड चल रहे हैं।
यूनियन कई बार परिवहन महानिदेशक से मिलकर सस्पेंड चल रहे चालक-परिचालकों को बहाल करने की मांग कर चुकी है लेकिन आज तक भी उन्हें बहाल नहीं किया गया है। जिस कारण सस्पेंड कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान चल रहे हैं। उन्होंने सीएम मनोहर लाल से भी गुहार लगाई है कि यूनियन के साथ भी वे वार्ता करें ताकि कर्मचारियों की मांगों का समाधान हो सके।
सीएम सस्पेंड सभी चालक व परिचालकों को भी तुरंत बहाल कराएं। रोडवेज हड़ताल के दौरान एस्मा के तहत की गई कार्रवाई को भी वापस लिया जाए। झूठे मुकदमे वापस हों व किलोमीटर स्कीम रद्द की जाए।