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अमृतपाल के पीछे 80 हजार पुलिसकर्मी: बचने के लिए रिंदा के लिंक का इस्तेमाल, पंजाब में ही छुपे होने की आशंका

Tue, 21 Mar 2023 10:20 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

अमृतपाल सिंह की तलाश में पंजाब पुलिस की टीमें 72 घंटे से पीछा कर रही हैं। उसे बचाने के लिए पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी मदद में जुटी हुई है। 
 
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अमृतपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश में पंजाब पुलिस की टीमें 72 घंटे से पीछा कर रही हैं। उसे बचाने के लिए पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी मदद में जुटी हुई। पुलिस को अंदेशा है कि अमृतपाल को आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के जानकारों के यहां पाक की खुफिया एजेंसी उसे ठहराने का इंतजाम कर सकती है। ऐसे में रिंदा और अन्य गैंगस्टरों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी पुलिस नजर रख रही है। इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में ग्रामीण चौकस कमेटियों को भी अलर्ट रहने की हिदायत दी है।

 

पांच दिन में बने 2559 ट्विटर हैंडल 

खालिस्तान की मांग करने वाले अमृतपाल पर जैसे ही कानूनी शिकंजा कसना शुरू हुआ ठीक उसी दरम्यान अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और दुबई से अपने देश में माहौल को बिगाड़ने के लिए ट्विटर अकाउंट बनाए जाने लगे। खुफिया एजेंसियों के इनपुट से मिली जानकारी के मुताबिक, 15 मार्च से लेकर 19 मार्च तक 2559 नए टि्वटर अकाउंट बनाए गए। जो न सिर्फ अमृतपाल मामले में हैशटैग का अभियान चला रहे थे, बल्कि माहौल को बिगाड़ने के लिए कई नफरती ट्वीट्स को रिट्वीट कर रहे थे। इसके अलावा कई ट्विटर अकाउंट ऐसे भी पाए गए हैं जो 2020 के किसान आंदोलन के दौरान भी माहौल खराब कर रहे थे और अब भी वही अकाउंट माहौल खराब करने में लगे हैं।

 

ड्रॉप आउट छात्र बना पंजाब पुलिस का वांटेंड

बाबा बकाला तहसील के गांव जल्लुपर खेड़ा का अमृतपाल सिंह कपूरथला के बहु तकनीकी कॉलेज का ड्रॉप आउट है। उसके बाद वह दुबई में जाकर ट्रक ड्राइवर बना और ट्रांसपोर्ट का कारोबार आगे बढ़ाया। जब वह वारिस पंजाब का प्रमुख बना तो राजनीतिक हलचल पैदा हुई और खुफिया विंग भी जागरूक हुआ। कुछ दिनों में वह राजनीति का केंद्र बन गया। जितनी तेजी से उसका ग्राफ चढ़ा, उससे तेज गति से नीचे गिरा। वहीं, अब पुलिस का सबसे बड़ा वाटेंड है। 80 हजार पुलिस कर्मी उसके पीछे हैं। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग पुलिस नहीं लगा पाई है।

 

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