इस चेहरे को गौर से देखेंगे तो झुर्रियों में अनुभव के साथ हौसला भी नजर आएगा। हौसला भी ऐसा कि 73 साल की उम्र में युवाओं को चुनौती देती नजर आती हैं। नाम है विद्यावती सचदेवा। रिटायरमेंट के बाद एथलेटिक्स में पचास से भी ज्यादा मेडल जीतकर वे अपनी उम्र के लोगों में सुपर से भी ऊपर बनी हुई हैं।
हाल ही अमृतसर में हुई 35वीं पंजाब मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चार गोल्ड मेडल जीतकर लाई हैं। देश में कहीं भी वेटरन चैंपियनशिप होती है तो उसमें हिस्सा लेने खुद के खर्च पर वहां पहुंच जाती हैं।
विद्यावती सचेदवा बताती हैं कि बेटी और बेटे की शादी हो चुकी है। वह अपने परिवारोंके साथ रहते हैं। वर्ष 2003 में बीएसएनल से रिटायर हुईं तो खुद को व्यस्त रखने के लिए कुछ करना जरूरी था। फिटनेस का ख्याल था तो स्पोर्ट्स का सहारा लिया।
सिखाती हैं योग
खुद को स्पोर्ट्स के सहारे फिट रखने वाली विद्यावती अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ने में लगी हैं। वह खुद योग करती हैं और अपने एरिया की कई महिलाओं की योग क्लास भी लेती हैं।
सर्दी हो या गर्मी, सुबह-शाम सैर और योग इनकी दिनचर्या में शामिल रहता है। विद्यावती सचदेवा कहती हैं कि इस उम्र में अक्सर लोग बिस्तर पर दवाओं के सहारे जिंदगी बिताते हैं, लेकिन खेलों के साथ जुड़कर रहा जाए तो जिंदगी जिंदादिली का दूसरा नाम नजर आती है।