चंडीगढ़। सेक्टर 42 के सरकारी गर्ल्स कॉलेज में शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कई योजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्यपाल ने प्रोजेक्ट उड़ान का शुभारंभ किया। इसमें शिक्षा विभाग ने प्रोजेक्ट उड़ान के तहत 40 कोचिंग संस्थानों के साथ एमओयू किया है। इसमें सरकारी स्कूलों के मेधावी 700 छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। ताकि ये बच्चे जेईई, नीट, आईएएस, पीसीएस, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में हिस्सा लेकर चंडीगढ़ और अपने स्कूल का नाम रोशन कर सकें। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए वरदान सिद्ध होगी, जो प्रतिभाशाली तो हैं लेकिन संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को साकार नहीं कर पाते।
पहले चरण में 42 स्कूलों को किया जाएगा कवर
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। इसमें 111 स्कूलों को कवर किया जाएगा। एडॉप्ट ए स्कूल मेंटरशिप इनिशिएटिव के पहले चरण में चंडीगढ़ के 42 सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 60,000 छात्रों को लाभ होगा। इस पहल के अंतर्गत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, वकील, खिलाड़ी, उद्यमी, प्रोफेसर और अन्य क्षेत्र के विशेषज्ञ इन स्कूलों को गोद लेंगे। वह छात्रों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, नैतिक मूल्यों, साइबर जागरूकता और जीवन कौशल जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वह अपनी कामयाबी की कहानी सरकारी स्कूलों में जाकर साझा करेंगे, ताकि बच्चों को भविष्य के लिए प्रेरित किया जा सके।
यह ऐसा प्रयास है जो बच्चों को पुस्तकों से बाहर की दुनिया के लिए तैयार करेगा और समाज में व्यवहारिक ज्ञान को बढ़ावा देगा।
237 बच्चों को 5 हजार की राशि से नवाजा
कार्यक्रम में 237 मेधावी छात्रों को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया। इन्होंने 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसमें छात्रों को प्रमाणपत्र और प्रत्येक को 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भेंट की गई। राज्यपाल ने कहा कि 10वीं में पास होने वाले विद्यार्थियों को भी इसी प्रकार सम्मानित किया जाएगा।
ऑनलाइन अदा हो सकेगी बच्चों की फीस
उन्होंने कैशलेस कैंपस सेवा का शुभारंभ करते हुए इसे चंडीगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी कदम बताया। अब अभिभावक यूपीआई के जरिये भी बच्चों की फीस अदा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल स्कूलों में वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित, पारदर्शी और सरल बनाएगी, बल्कि छात्रों को डिजिटल साक्षरता की दिशा में भी सशक्त बनाएगी। राज्यपाल ने इस नवाचार को विकसित भारत 2047 के संकल्प की ओर एक मजबूत प्रयास करार दिया।