स्मार्ट सिटी से जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जारी रैंकिंग में चंडीगढ़ को बड़ा झटका लगा है। केन्द्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग में शहर फिर पिछड़ गया। चंडीगढ़ को 28.26 स्कोर के साथ 67वां स्थान मिला है। 100 स्मार्ट शहरों के लिए जारी की गई रैंकिंग में नागपुर को पहला रैंक दिया गया है। नागपुर को 360.21 का स्कोर मिला। इसके बाद भोपाल ने 329.32 स्कोर किया है।
इस रैंकिंग से यह पता चलता है कि स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट चंडीगढ़ में उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, जैसे बढ़ने चाहिए। पिछले साल सूरत स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कार्यान्वित और पूर्ण होने वाली सबसे बड़ी परियोजनाओं के साथ भारत का सर्वोच्च रैंक वाला स्मार्ट शहर बनकर उभरा था। गत 6 फरवरी 2019 को प्रकाशित हुई रैंकिंग की सूची में रांची तीसरे स्थान पर है। सूरत 5वें, इंदौर 11वें, एनडीएमसी 22वें, लुधियाना 37वें, लखनऊ 40वें, बेंगलुरु 52वें और शिमला 83वें और करनाल 94वें स्थान पर है।
इस तरह से होता है रैकिंग का निर्धारण
मंत्रालय के अफसरों ने बताया कि रैकिंग का उद्देश्य शहरों में सामाजिक, आर्थिक, संस्थागत और फिजिकल पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए इनमें एक प्रतिस्पर्धा खड़ी करना है ताकि शहर अपने-अपने इंन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार ला सकें और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने बताया कि रैंकिंग करते समय इन शहरों में सेहत सुविधाएं, शिक्षण संस्थान, वेस्ट मैनेजमेंट, प्रदूषण, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और कानून और व्यवस्था को ध्यान में रखा गया है। इन सभी मानकों पर शहर काफी पिछड़ गया है। इसके चलते रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है।
ऐसे चुना गया था चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी
मई 2016 में स्मार्ट सिटी के तहत चंडीगढ़ को 13 फास्ट ट्रैक विनिंग सिटी में चुना गया था। चंडीगढ़ के लिए 6,100 करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रस्तावों में पीने योग्य पानी, अपशिष्ट जल, बिजली, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी डिजाइन और रेट्रोफिट डेवलपमेंट, परिवहन, सेक्टर 43 सब-सिटी सेंटर, सिटी सर्विलांस, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट और ई-गवर्नेंस एप्लिकेशन शामिल हैं।