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चंडीगढ़ में 67 प्रतिशत प्रवासी, जानिए लोगों को क्यों रास आता है ये शहर?

Mon, 05 Dec 2016 12:21 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ प्रशासन - फोटो : DEMO Pics
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सिटी ब्यूटीफुल का हर दूसरा रेजिडेंट प्रवासी (माइग्रेंट) है। साढ़े दस लाख आबादी वाले शहर में करीब सात लाख आठ हजार लोग प्रवासी हैं। यानि करीब 67 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है। 
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इसमें लगभग 379261 पुरुष शामिल हैं, जबकि 328831 महिलाएं। ये आंकड़े भारत के जनगणना विभाग ने इसी हफ्ते जारी किए हैं। पूरे भारत में करीब 45 करोड़ लोग अपना शहर छोड़कर दूसरे शहर में बस गए हैं। 

हर दस में चार भारतीय माइग्रेंट हुए हैं। विभाग की ओर से यह भी बताया गया कि आखिर वे किस वजह से माइग्रेंट हुए हैं। हालांकि कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो ये नहीं बता पाए आखिर वे किस वजह से माइग्रेंट हुए हैं। इनकी संख्या करीब 71957 है। कुल माइग्रेंट लोगों में 373977 लोग ग्रामीण परिवेश से हैं, जबकि 274022 शहरी इलाकों से हैं।
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यहां जॉब मिली तो यहीं आकर बस गए

रॉक गार्डेन - फोटो : file photo
जनगणना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा लोगों ने अपना शहर कामकाज और नौकरी की वजह से छोड़ा है। चंडीगढ़ में ही उन्हें नौकरी मिली और वे यहीं आकर बस गए। 

करीब 217939 लोग नौकरी और कामकाज के लिए चंडीगढ़ में आकर बसे। इनमें 201881 पुरुष और 16058 महिलाएं शामिल हैं। करीब 201287 लोगों ने चंडीगढ़ में घर बना लिया और वे यहीं आकर बस गए। इसमें 72 हजार पुरूष, जबकि 128389 महिलाएं शामिल हैं।

शादी भी एक वजह
माइग्रेंट के लिए शादी भी एक बड़ी वजह बनी है। आंकड़ों के मुताबिक कुल माइग्रेंट लोगों में करीब 115379 लोग शादी की वजह से अपने शहर से माइग्रेंट हुए। 

इनमें 1498 पुरुष शामिल हैं, जबकि 113881 महिलाएं। बिजनेस के लिए कुल 9628 लोग माइग्रेंट हुए। इनमें 8663 पुरुष शामिल हैं, जबकि 965 महिलाएं। चंडीगढ़ में कुल 347358 लोग यहां के मूल निवासी हैं। 
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