हर साल दिवाली कुछ लोगों को जख्म दे जाती है। इस बार भी दिवाली पर आग व पटाखों से घायल होने वालों की तादाद काफी ज्यादा रही। पीजीआई, मेडिकल कालेज और चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले हास्पिटल से मिले रिकार्ड के मुताबिक शनिवार रात आठ बजे से लेकर रविवार सुबह आठ बजे तक कुल 117 बर्न केस थे और 56 की आंखों में चोटे आई थीं। यानी शहर के अस्पतालों में दिवाली से संबंधित चोटों के कुल 173 मामले रिपोर्ट किए गए।
यदि पिछली साल के कुल केसों की तुलना की जाए तो इस बार 65 फीसदी ज्यादा हैं। साल 2018 में दिवाली की रात कुल 110 केस रिपोर्ट हुए थे। इनमें आंखों के 57 थे, जबकि बर्न के कुल 53। इसी तरह से साल 2017 में कुल 142 केस अस्पतालों में आए थे। इनमें 54 आंखों से संबंधित चोटे थीं और बर्न के 88। हालांकि, इस बार पीजीआई आधे से भी कम मरीज पहुंचे हैं। पिछली बार कुल 34 मरीज पहुंचे थे, जबकि इस बार 16 मरीज। हालांकि, मरीज अभी और बढ़ेंगे।
16 में से पांच मरीजों काफी सीरियस थे। इनमें तीन बच्चे और दो एडल्ट हैं। इन सभी की सर्जरी करनी पड़ी है, जबकि बाकी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। हालांकि, उन्हें ओपीडी में रोज दिखाने को बोला गया है। डाक्टरों का कहना है कि आग से कितना नुकसान पहुंचा है, वो बाद में ही पता चल सकेगा, लेकिन इतना तय है कि इन मरीजों की पूरी रोशनी वापस नहीं आएगी। इनमें से 9 ट्राइसिटी के बाहर के मरीज थे।
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सेक्टर 16, 22, 45 और मनीमाजरा में दिवाली की रात कुल 104 बर्न केस रिकार्ड हुए, जबकि आंखों में चोट के कुल 27 केस। इसमें एक मरीज को पीजीआई रेफर किया गया था। मेडिकल कालेज के प्रवक्ता अनिल मोदगिल के मुताबिक मेडिकल कालेज में आंख के चोट व बर्न इंजरी के कुल 20 दाखिल हुए थे। इनमें आंखों के चोट के कुल 12 मरीज आए। 9 को सामान्य चोटें आई थीं। इलाज के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया, जबकि दो का आपरेशन किया गया। एक को निगरानी में रखा गया है। बर्न इंजरी के आठ मरीज दिवाली की रात मेडिकल कालेज में दाखिल हुए, जो 5-20 प्रतिशत तक जले थे।
किस साल दिवाली की रात कितनी इंजरी
चोटें 2019 2018 2017
आंख 56 57 54
जलना 117 53 88
कुल 173 110 142