एनडीआरएफ भी मौके पर पहुंची।
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एसडीएम मूनक सूबा सिंह ने बताया कि दरार भरने में गांववासियों का सहयोग लिया गया है। साथ ही एनडीआरएफ और आर्मी की टीम भी पहुंच गई है। शाम तक दरार को भर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
दूसरी तरफ, दरार पड़ने की सूचना मिलते ही डीसी घनश्याम थोरी और एसएसपी डॉ संदीप गर्ग अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और दरार भरने के कार्य का जायजा लिया। डीसी व एसएसपी टूटी दरार की जगह पर पहुंचने के लिए बाइक पर गए। डीसी घनश्याम थोरी ने बताया कि घग्गर दरिया में करीब साठ फुट चौड़ी दरार पड़ने से किसानों की करीब तीन हजार एकड़ फसल पानी में डूब गई है।
दरार भरने का काम तेजी से चल रहा है। स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हलका लहरागागा के विधायक परमिंदर सिंह ढींढसा ने इस स्थिति का ठीकरा राज्य सरकार व जिला प्रशासन के सिर फोड़ते हुए कहा कि यदि समय रहते इस तरफ ध्यान दिया जाता तो किसानों को इतना नुकसान न उठाना पड़ता। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उन्हें बनता मुआवजा दिया जाए और उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
समाना में घग्गर दरिया खतरे के निशान को पार कर गया है। समाना के हरियाणा बार्डर के साथ लगते गांवों में किसानों के खेतों में पानी भर गया। गुस्साए किसानों ने प्रदेश सरकार से मुआवजे की मांग की है। समाना में घग्गर दरिया इस समय 24.2 फुट पर बह रहा है जो खतरे के निशान से ऊपर है। घग्गर का पानी खेतों में भर गया है।
इससे खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। वहीं समाना के नजदीक हरचंदपुरा टाउन के पास घग्गर दरिया के किनारों में दरारें पड़ने की बात भी सामने आ रही है। इस कारण भी खेतों में पानी भरना शुरू हो गया है। हरचंदपुरा के सरपंच कीमत सिंह के मुताबिक उनकी तरफ से इलाका निवासियों के सहयोग से दरार भरने की कोशिश की जा रही है। अगर दरार जल्दी न भरी तो शुतराणा तक सारा इलाका पानी की चपेट में आ जाएगा।