बर्ड फ्लू के कारण सुखना लेक पर धारा 144 लगानी पड़ी। एंट्री बैन के दौरान सुखना की सुरक्षा में 24 घंटे 141 पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। इस दौरान इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी), सीआरपीएफ और चौकी पुलिस के जवानों ने तीन शिफ्टों में ड्यूटी की। एक शिफ्ट में 47 जवानों को तैनात किया जाता था।
ड्यूटी का भी दुखद समय रहा
सुखना पुलिस चौकी में तैनात प्रेमचंद के अनुसार, एक महीने बैन लगने से सभी के चेहरों पर मायूसी छा गई। उन्होंने बताया कि अचानक आंखों के सामने सुखना की रौनक, सुखना की बतखों की तस्वीर सामने आने लगी।
लेकिन, सुखना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद और सुखना खुलने की खबर पर तैनात पुलिसकर्मियों के चेहरे पर फिर से रौनक लौट आई। चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि सूनी सुखना लेक पर ड्यूटी करना सबसे दुखद समय रहा।
रोवर्स के लिए अभी भी सुख-ना
सुखना लेक पर बेशक आज से जॉगिंग की छूट मिलेगी, लेेकिन रोवर्स को अभी मायूसी ही हाथ लगेगी। अभी एक माह के लिए लेक के पानी में रोइंग नहीं होगी। केरल में 31 जनवरी को रोइंग की नेशनल गेम्स खेली जानी है। इसके विभिन्न इवेंट्स में 30 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
सुखना बंद होने से पहले यहां इसी गेम्स के लिए ट्रेनिंग चल रही थी, लेकिन बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद रोइंग के प्रतिभागी अभ्यास से भी महरूम हो गए हैं। लेक स्थित रोइंग के कोच अरविंद सहगल का कहना है कि बिना अभ्यास के खिलाड़ियों से मेडल की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?
मेडल के सपनों पर फिरने लगा पानी
लेक पर रोइंग बंद होने से अब खिलाड़ी केवल फिजिकल एक्सरसाइज पर ही निर्भर हैं। शहर के आसपास कहीं और रोइंग की सुविधा नहीं है। हिमाचल के पौंग डैम में यह सुविधा है, लेकिन वहां बोट लेकर जाना मुश्किल होता है। रोइंग के प्रतिभागियों का कहना है कि बिना ट्रेनिंग के अधिक मेडल जीतना वाकई बहुत मुश्किल होगा।
बतख बिन सूनी रहेगी सुखना
इनवायरमेंट सोसाइटी आफ इंडिया के सेक्रेटरी एनके झिंगन ने बताया कि बहुत खुशी की बात है कि सुखना खुल रही है, लेकिन बतख के बिना सुखना सूनी रहेगी। बतख हमारे परिवार का हिस्सा बन गई थी। उनकी कमी हमेशा खलेगी। प्रशासन को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए।
अब ये होंगी नई चुनौतियां
सुखना लेक सोमवार की लोगों के लिए खोल दी जाएगी। इसके बावजूद अभी सीढ़ियों पर चढ़ने और सुखना के पानी को हाथ लगाना मना है। इसलिए, तैनात पुलिसकर्मियों को आने जाने वालों सभी पर्यटनों पर विशेष ध्यान देना होगा। पुलिसकर्मियों के लिए यह करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।