पिंजौर की हिमाशिखा कालोनी सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में मरने वालों की संख्या छह पहुंच गई। लोगों को बचाने के लिए नेशनल बॉक्सर विकास भारद्वाज के साथ आग में कूदा उसके 22 वर्षीय भांजा अभिमन्यु ने भी दम तोड़ दिया। अभिमन्यु की मौत से हिमशिखा कालोनी में शोक की लहर है।
गौरतलब है कि दिवाली से एक दिन पहले हिमशिखा कालोनी के एक मकान में आग लग गई थी। आग सिलेंडर से लगी थी। लोगों को बचाने के लिए आग में कूदे कालोनी के 25 गंभीर रूप से झुलस गए थे। सबसे पहले पीजीआई में भर्ती नेशनल बॉक्सर विकास भारद्वाज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
इसके बाद मकान मालिक कृष्णपाल बंसल की मौत हो गई थी। कृष्णपाल बंसल की चिता अभी शांत नहीं हुई कि छोटे बेटे सचिन बंसल और इसके बाद बड़े बेटे विकास बंसल व योगेश शर्मा की मौत हो गई। सोमवार को आग में झुलसे अभिमन्यु ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
22 वर्षीय अभिमन्यु बचपन से ही नाना-नानी और बाक्सर के माता पिता के पास शहर की हिमशिखा कॉलोनी में रहता था। वह पढ़ाई साथ कॉल सेंटर में जॉब करता था। 10 नवंबर को रात में सिलेंडर ब्लास्ट हुआ तो वह मामा विकास भारद्वाज के पीछे पीछे सहायता के लिए दौड़ पड़ा। दुर्घटना में अभिमन्यु भी झुलस गया था।
अब कैसे चलेगा यह परिवार
1. विकास भारद्वाज अपने पीछे बूढ़े माता पिता और पत्नी व दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। विकास के बुजुर्ग पिता कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं।
2. जिस मकान में ब्लास्ट हुआ था उसके मालिक कृष्णपाल बंसल, उसके दोनों बेटे विकास बंसल और सचिन बंसल की मौत के बाद परिवार में मृतक की पत्नी कृष्णपाल, उसकी दो बहुएं और दो पौते बचे हैं। परिवार में कमाने वाला अब कोई नहीं है।
3. मृतक योगेश कुमार शर्मा के पिता की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसी दुर्घटना में योगेश कुमार की माता भी टांगों से निशक्त हो गई थीं। पिता की जगह शक्ति भवन बिजली कार्यालय में लगे योगेश कुमार अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। मृतक योगेश का भाई भी आग में झुलसने के कारण अस्पताल मे उपचाराधीन है।
4. विकास भारद्वाज के भांजे अभिमन्यु को बचपन में उत्तर प्रदेश से परिजनों ने पढ़ने के लिए नाना नानी के पास पिंजौर भेज दिया था। अभिमन्यु के पिता की भी मौत हो चुकी है।
हिमशिखा कालोनी निवासियों की मांग
हिमशिखा कालोनी निवासियों ने सरकार से मांग की है कि मृतक आश्रित परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाए। ताकी उस परिवार का भरण पोषण हो सके। वहीं, जो लोग झुलसे हैं उन्हें सरकार द्वारा वीरता पुरस्कार भी देना चाहिए।