चंडीगढ़। ग्लोबल ट्रेडिंग चैंपियनशिप (जीटीसी) अपस्टॉक्स में निवेश का झांसा देकर करीब 57 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। यही नहीं, शहर निवासी माधवजीत सिंह ग्रेवाल ने निवेश के लिए सारी जमा पूंजी के अलावा एक निजी बैंक से 25 लाख का कर्ज लेकर भी पैसे शातिरों को ट्रांसफर कर दिए। इसे लेकर बीते सात अगस्त को पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दी थी। अब अब साइबर थाने में पुलिस ने रजत चोपड़ा व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस को दी गई शिकायत में माधवजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि 9 मई, 2024 को इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन दिखा था। इसमें अपस्टॉक्स के लिए एक इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए निवेश का प्लान दिया गया। ग्रुप चलाने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम रजत चोपड़ा बताया और कहा कि वह ग्लोबल ट्रेडिंग चैंपियनशिप (जीटीसी) में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उसे शुरुआती दौर में अपस्टॉक्स के लिए एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग खाते में 10 लाख रुपये का निवेश करने के लिए कहा गया। उसने 18 जुलाई, 2024 को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से 9.50 लाख का भुगतान अलग-अलग बैंक खातों में किया। उसने रजत चोपड़ा से पूछा कि निवेश का पैसा सीधे अपस्टॉक्स को ट्रांसफर क्यों नहीं करवाया गया है तो जवाब मिला कि ये एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग खाते के लिए पर्यवेक्षण खाते हैं और पैसे को सेबी की ओर से अनुमोदित अलग-अलग खातों के जरिए भेजा जाता है लेकिन शक होने पर अपस्टॉक्स से संपर्क किया तो पता चला कि उनके पास ऐसी कोई वेबसाइट नहीं है। इसके बाद शातिर ने कहा कि अगर वह अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए उनकी वेबसाइट के जरिए आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के लिए आवेदन करता है तो उसे अधिक मुनाफा होगा। उनकी बातों में आकर माधवजीत ने आईपीओ के लिए आवेदन किया तो शेयर लेने के लिए भुगतान करने की राशि 50 लाख थी लेकिन इतने पैसे उसके पास नहीं थे। शातिरों ने उसे आईपीओ के आवेदन करने के लिए 50 लाख का लोन देने की पेशकश की। इस ग्रुप में अन्य कई लोग भी शामिल थे। उन्होंने भी बताया कि वह भी लोन लेकर निवेश कर चुके हैं। शातिरों की बातों में फंसकर उन्होंने बजाज एलियांज कंपनी से 25 लाख का कर्ज लिया और अपनी सारी जमा पूंजी सहित करीब 47 लाख 50 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसने अपने निवेश वाले खाते से 80 लाख निकालने का प्रयास किया तो वह नहीं निकले। उन्होंने ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क किया तो पता चला कि निवेश वाले किसी खाते में कोई पैसा नहीं है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी।