सीएम ने नए प्रशासकीय कांप्लेक्स और सुल्तानपुर लोधी के विरासती शहर के आसपास 150 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड बनाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि किला सराए, जिसको अब तहसील प्रशासकीय कार्यालय के तौर पर डबल किया जा रहा है, को राज्य सरकार विरासती इमारत के तौर पर संभालेगी। कैप्टन ने मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी के साथ बाबा नानक के फलसफे पर सुरजीत पातर की ओर से लिखी और संपादित चार किताबें भी जारी की।
यह किताबें ‘गुरु नानक ब्लैस्ड ट्रेल’, ‘गुरु नानक बाणी’, सोने का बिरख’ और ‘गुरु नानक देव जी लाइफ एंड रेलिक्स’, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों संबंधी विभाग की ओर से प्रकाशित की गई हैं। सीएम ने बाबा नानक के जीवन से संबंधित निशानियों, दुर्लभ हस्तलेख और विलक्षण पुस्तकों पर आधारित दो प्रदर्शनियों का भी उद्घाटन किया। इनमें से एक प्रदर्शनी पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों संबंधी विभाग ने लगाई है, जहां पहले सिख गुरु के जीवन को दर्शाते 53 पैनल थे, जबकि दूसरी पंजाब लघु उद्योग निर्यात निगम की है।
सीएम ने बताया कि 235 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों को अपग्रेड और चौड़ा करने के अलावा नये पुलों का निर्माण किया और अस्पतालों की हालत सुधारी गई। पहली पातशाही जी के चरण स्पर्श प्राप्त 70 से अधिक गांवों को मॉडल गांवों के तौर पर विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है और प्राथमिक सेवाएं मुहैया करवाने की शुरुआत कर दी गई है।
सुल्तानपुर लोधी सेक्शन में संत सीचेवाल जी के सहयोग से 11 करोड़ रुपये की लागत से पवित्र बेईं के दाहिने किनारे को साफ करने और लाइनिंग की जा चुकी है। कैप्टन ने कहा कि सूबा सरकार ने 50-50 प्रतिशत के अनुपात से सुल्तानपुर लोधी को विरासती नगर के तौर पर विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से अपने प्रस्ताव को मंजूर करवा लिया है।
175 करोड़ रुपये की लागत से गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में सेंटर फॉर इंटरफेथ स्टडीज की स्थापना की जाएगी। 300 करोड़ रुपये की लागत से ‘पिंड बाबे नानक दा’ की स्थापना का भी प्रस्ताव है। सुल्तानपुर लोधी से डेरा बाबा नानक तक बरास्ता ब्यास और रैय्या वाले श्री गुरु नानक देव जी मार्ग को चौड़ा करने के लिए 102 करोड़ रुपये की लागत का प्रोजेक्ट है।
सीएम ने कहा कि टेंट सिटी 277 एकड़ में फैली हुई है, जहां 35 हजार व्यक्तियों के ठहरने का प्रबंध है और इस पर 53 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस टेंट सिटी में 2200 अस्थाई शौचालय और 10 पानी वाली मशीनों के अलावा 542 एकड़ में पार्किंग के लिए 18 स्थान बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 7 और 8 नवंबर को चंडीगढ़ में अमन-शांति और एकता पर विद्वानों की कांफ्रेंस होगी।
9 नवंबर को अमृतसर में एक नूर अंतर धर्म सम्मेलन करवाया जा रहा है, जिसमें धार्मिक गुरु दलाई लामा समेत बहुत सी मशहूर शख्सियतें शामिल होंगी। 8 से 11 नवंबर तक हो रहे डेरा बाबा नानक उत्सव में दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचेंगे, जबकि 10 नवंबर को पंजाब तकनीकी यूनिवर्सिटी कपूरथला में प्रसिद्ध पंजाबियों का सम्मान किया जा रहा है।
इस मौके पर मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, बलबीर सिंह सिद्धू, ओपी सोनी, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, रजिया सुल्ताना, सुंदर शाम अरोड़ा, भारत भूषण आशु और विजय इंदर सिंगला के अलावा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ भी शामिल हुए।
इस मौके पर विभिन्न संसद सदस्यों और विधायकों के अलावा सुल्तानपुर लोधी से विधायक नवतेज सिंह चीमा, सीएम के सियासी सचिव कैप्टन संदीप सिंह संधू, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के प्रमुख सचिव विकास प्रताप और सीएम के विशेष प्रमुख सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह भी उपस्थित थे।
संत समाज में संत बाबा सरबजोत सिंह बेदी, संत हरि सिंह रंधावा वाले, संत बलबीर सिंह सीचेवाल, जत्थेदार बाबा अवतार सिंह जी, संत ब्रह्मज्ञानी परमजीत सिंह हंसाली वाले, संत मनमोहन सिंह बारन वाले, संत बाबा घाला सिंह जी नानकसर, संत जगजीत सिंह जी हरखोवाल, बाबा मक्खन सिंह सत्तोवाल, महंत प्रितपाल सिंह मिठ्ठा टिवाना, संत रणजीत सिंह सेवा पंथी, संत कश्मीरा सिंह गड़े वाले, बाबा सुक्खा सिंह सरहाली वाले समेत अन्य संत महापुरुष भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को सुल्तानपुर लोधी में पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग व पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी की ओर से श्री गुरु नानक देव जी महाराज के जीवन, उनकी साखियों, शिक्षाओं व उदासियों को दर्शाती प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम की ओर से स्थानीय पुडा कालोनी मैदान में आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। इस दौरान सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी मौजूद थे।
पर्यटन विभाग के इस बेहतरीन प्रयास की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी श्री गुरु नानक देव जी के जीवन व फलसफे की मुंह बोलती तस्वीर पेश कर रही है। वहीं इस प्रदर्शनी के माध्यम से गुरु जी से संबंधित हर पहलू को विस्तार से बताया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में तत्कालीन सिक्कों को प्रदर्शित किया गया है, जो तत्कालीन शासकों की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के नाम पर जारी किए गए थे।
इनमें सोने के सिक्कों के अलावा अन्य कई प्रकार के सिक्के भी शामिल हैं। इस दौरान पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी के कार्यकारी निदेशक दविंदर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी में अलग-अलग देशों में श्री गुरु नानक देव जी के अलग-अलग नामों को दिखाया गया है। वहीं विभिन्न चित्रकारों की ओर से गुरु साहिब के बनाए गए लगभग 41 चित्रों को भी दिखाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में श्री गुरु नानक देव जी के जीवन से लेकर उदासियों तक के सफर को नक्शों के माध्यम से दिखाया गया है, जो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके अलावा गुरु जी की साखियों को भी कैलिग्राफी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। गुरु जी ने जो तत्कालीन सामाजिक परिवर्तन किए थे, उनसे संबंधित तथ्यों को भी बखूबी प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में एलईडी स्क्रीनों पर श्री गुरु नानक देव जी की जीवनी को दर्शाया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम की ओर से स्थानीय पुडा कालोनी के मैदान में लगाई गई आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में 18 विभिन्न सरकारी विभागों के अतिरिक्त पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कलाकारों व सेल्फ हेल्प ग्रुपों की ओर से बनाई गई कलाकृतियों को भी प्रदर्शित किया गया।
कलाकृतियों को बिक्री के लिए भी रखा गया है। इस मौके पर मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, विजय इंद्र सिंगला, पीपीसीसी अध्यक्ष सुनील कुमार जाखड़, सांसद जसवीर सिंह डिंपा, विधायक नवतेज सिंह चीमा, सुखपाल सिंह भुल्लर, एससीएस विन्नी महाजन, एमडीपीएस आईईसी सिब्बनसी के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।