चंडीगढ़। नगर निगम का सेक्टर-15 स्थित कम्युनिटी सेंटर पिछले करीब सवा दो साल से रेनोवेशन की भेंट चढ़ा हुआ है। करीब 50 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। नतीजा यह है कि शादी, सगाई, जन्मदिन, भोग, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बुकिंग पूरी तरह बंद है। इसका सीधा असर शहर के सैकड़ों परिवारों पर पड़ रहा है जिन्हें अब निजी बैंक्वेट हॉल या दूसरे सेक्टरों के कम्युनिटी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे आयोजनों का खर्च कई गुना बढ़ गया है। दूसरी ओर, नगर निगम भी बुकिंग से मिलने वाले लाखों रुपये के संभावित राजस्व से वंचित है।
मौके पर पड़ताल में सामने आया कि कम्युनिटी सेंटर में अब भी कई काम अधूरे पड़े हैं। भवन में व्हाइट वॉश पूरा नहीं हुआ है, छत की मरम्मत बाकी है और मौके पर केवल चौकीदार मिला। निर्माण एजेंसी का कोई कर्मचारी काम करता नहीं मिला। परिसर में निर्माण सामग्री जरूर रखी थी लेकिन काम की रफ्तार लगभग ठप नजर आई।
सूत्रों के अनुसार यह परियोजना तय समय में पूरी होनी थी लेकिन विभागीय सुस्ती और निर्माण कार्य में लगातार देरी के कारण समय सीमा कई बार पार हो चुकी है। सबसे अधिक परेशानी सेक्टर-15 और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को हो रही है, जो वर्षों से इसी कम्युनिटी सेंटर में अपने पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं।
इस मामले ने इंजीनियरिंग विंग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ा सवाल यह है कि 50 लाख रुपये की परियोजना तय समय में पूरी क्यों नहीं हुई। सवा दो साल बाद भी काम अधूरा रहने की जिम्मेदारी किसकी है। देरी के कारण हुए राजस्व नुकसान की भरपाई कौन करेगा। ठेकेदार पर पेनाल्टी क्यों नहीं लगाई गई और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही कब तय होगी।
बता दें कि नगर निगम लगातार आय बढ़ाने के नए स्रोत तलाशने की बात करता है लेकिन शहर की अपनी संपत्तियां ही समय पर उपयोग में नहीं आ पा रही हैं। यदि यह कम्युनिटी सेंटर समय पर शुरू हो जाता तो निगम को नियमित आय होती और स्थानीय लोगों को किफायती दरों पर कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा मिलती।
सेक्टर-15 कम्युनिटी सेंटर के रेनोवेशन में हुई देरी की रिपोर्ट सोमवार को संबंधित एक्सईएन से मांगी जाएगी। जांच में जिस स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम चंडीगढ़