पंजाब के कॉलेजों में बीएड की खाली पड़ी सीटें भरने को लेकर सरकार की कोई नीति न होने के कारण स्टूडेंट और कॉलेज प्रबंधन असमंजस में हैं। एक तरफ कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली पड़ी हैं। दूसरी तरफ विद्यार्थी दाखिले के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पंजाब के कॉलेजों में बीएड की करीब पांच हजार सीटें खाली पड़ी हैं। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जो कि बीएड की दाखिला परीक्षा नहीं दे सके थे।
वे अब दाखिला चाहते हैं। लेकिन सरकार ने अब तक इस संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं की है। कॉलेज प्रबंधकों की मांग है कि सरकार खाली सीटों पर उन्हें सीधे दाखिले की इजाजत दे। पर अब तक कुछ नहीं हुआ है। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश ने अपने उन विद्यार्थियों को बीएड कोर्स करने की इजाजत दे दी है, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा नहीं दी थी। इतना ही नहीं, पंजाब सरकार भी फिजिकल एजुकेशन में खाली सीटों पर दाखिले की इजाजत दे चुका है।