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492 हिमवीरों ने ली देश सेवा की शपथ

Thu, 21 Nov 2013 09:31 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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सर्द सुबह... और गुनगुनी धूप...। हाथ में इंसास राइफल लिए एक सी वेशभूषा में सजे 492 हिमवीर...। कोई किसी का बेटा, कोई किसी का भाई, लेकिन पहचान में कोई नहीं आ रहा था। आए भी कैसे, क्योंकि 44 सप्ताह पहले अलग-अलग वेशभूषा में दिखने वाले युवक अब हिमवीर बन चुके हैं।
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जैसे ही मैदान में परेड की सलामी लेने के लिए मुख्य अतिथि पहुंचे, एक साथ 492 राइफल हवा मेें उठी और बट पर जोरदार हाथ बजे। कुछ ऐसा ही नजारा था आईटीबीपी के भानू स्थित बेसिक ट्रेनिंग सेंटर में बुधवार की सुबह पासिंग आउट परेड का। पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल ने परेड की सलामी ली।

492 जीडी कैडर के सिपाही पद के लिए हिमवीरों को 44 सप्ताह तक ट्रेनिंग दी गई। इस बार देश सेवा के लिए तैयार हुए हिमवीरों में हरियाणा का खासा दबदबा रहा। हरियाणा से 124 युवक आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हुए, जबकि सबसे ज्यादा संख्या 155 उत्तर प्रदेश के जवानों की रही।
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इसी तरह राजस्थान से 112, हिमाचल से 43, बिहार से 50, पंजाब से दो, जम्मू एंड कश्मीर से एक, मध्य प्रदेश से एक व आंध्र प्रदेश से एक जवान आईटीबीपी में शामिल हुआ। 81 हिमवीर स्नातक हैं, 367 बारहवीं पास, जबकि 44 हिमवीर दसवीं पास।

कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी सेंटर में ट्रेंड किए गए डॉगीज ने भी करतब दिखाए। पासिंग आउट परेड के दौरान आईटीबीपी के आईजी अरविंद कुमार, डीआईजी पीएस पापटा, डीआईजी दिग्गविजय सिंह, सेकेंड कमांड बीटीसी राकेश कुमार, डीसीपी पंचकूला अश्विन शेणवी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

ज्यादा शिक्षित होने को प्रेरित किया
कमिश्नर राजबीर देसवाल ने हिमवीरों को सलाह दी कि जो ग्रेजुएट हैं, वे पोस्ट ग्रेजुएट की तैयारी करें और जो 12वीं पास हैं, वे ग्रेजुएट बनें। क्योंकि आईटीबीपी जैसी बेस्ट पैरा मिलिट्री फोर्स में ऑफिसर बनने के काफी अवसर हैं।

पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल ने आईटीबीपी से गत माह रिटायर हुए आईजी कृपा राम नेगी का उदाहरण दिया, जो सिपाही भर्ती हुए थे, लेकिन जब रिटायर हुए तो आईजी थे।

पहले कुछ देश सेवा कर लें, फिर शादी कराना
बेसिक ट्रेनिंग सेंटर प्रमुख डीआईजी एचएस गौराया ने हिमवीरों के परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास अलग-अलग दिखने वाले युवक आए थे, लेकिन अब सभी एक जैसे दिख रहे हैं।

परिजनों से पहले अब इन पर देश और आईटीबीपी का हक है। परिजन बॉर्डर पर तैनात अपने बेटों को फोन कर घर की परेशानियों में न उलझाएं और न ही अभी चार-पांच साल इनकी शादी करें, क्योंकि इन्हें अभी काफी आगे जाना है और देश का नाम रोशन करना है।

वीरेश कुमार ओवरऑल बेस्ट
सिपाही वीरेश कुमार को ट्रेनिंग के दौरान ओवरऑल बेस्ट पाया गया। पुलिस कमिश्नर राजबीर देसवाल ने उसे ट्राफी देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सिपाही हंसराज को ड्रिल, विजय कुमार को वैपन, अजय कुमार को फिजिकल, अश्वनी कुमार को फायरिंग, राहुल कुमार को खेलकूद में प्रथम पुरस्कार मिला।

इसके अलावा 378 बैच को डीआईजी बैनर से नवाजा गया। यह पुरस्कार ट्रेनिंग के दौरान होने वाली खेल-कूद व अन्य गतिविधियों में उम्दा प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
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