सख्ती बेअसर: रोक के बाद भी राज्य में धड़ल्ले से जल रही पराली, 29 नए मामले आए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य में लगातार पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं। 15 सितंबर से 13 अक्तूबर 2024 तक पराली जलाने के 468 मामले आ चुके हैं जो चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 2021 में 13 अक्तूबर तक सबसे ज्यादा पराली जलाने के 389 मामले आए थे। जबकि इतने ही समय में 2022 में सबसे कम 102 मामले आए थे। 2023 में 373 पराली जलने के मामले आए थे। इस वर्ष सरकार की ओर से पराली प्रबंधन और सख्ती के लिए डीएम, कृषि विभाग, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों सहित थाना प्रभारी तक की ड्यूटी निर्धारित की गई है। इसके लिए प्रदेश के 67 गांव को रेड और 402 गांवों को यलो जोन में विभाजित किया गया है। रेड जोन में अस्थाई पुलिस चौकी और रात के समय गश्त भी बढ़ाई है। वहीं सोमवार को हरियाणा में 29 नए मामले पराली जलाने के आए। अब कुल मामले 497 हो गए हैं। पंजाब में 85 नए केस आए। यहां पराली जलाने का आंकड़ा 940 पहुंच गया है।
चार साल में तीन जिलों के 13 अक्तूबर तक के आंकड़े
2021 : 13 अक्तूबर तक करनाल में 141, कैथल में 86 और कुरुक्षेत्र 84 मामले आए थे।
2022 : करनाल में 22, कैथल में 15 और कुरुक्षेत्र में 31 मामले आए थे।
2023 : कुरुक्षेत्र में 51, कैथल में 31 और करनाल में 23 मामले आए थे।
2024 : कैथल में 75, कुरुक्षेत्र में 71, करनाल में 50 मामले आए हैं।