पांच लोगों की हो चुकी मौत, जान-माल के नुकसान का मुआवजा देगी सरकार
बैठक के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभी तक पांच लोगों की मृत्यु हुई है। इसमें दो पुलिसकर्मी शामिल हैं और तीन नागरिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनका जान-माल का नुकसान हुआ है, उन लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद व पलवल जिलों में भी कुछ छुट-पुट घटनाएं हुई थी, उन पर भी काबू पा लिया गया है। सभी जिलों में शांति स्थापित की गई है। एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लागू किया गया है और कुछ जिलो में धारा-144 लगाई गई है। सारी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
डीजीपी और सीआईडी चीफ ने डाला डेरा, केंद्र की 16 और हरियाणा की 30 कंपनियां पहुंचीं
घटना के बाद से डीजीपी पीके अग्रवाल और सीआईडी चीफ आलोक मित्तल ने नूंह में डेरा डाल लिया है। वहीं, केंद्र से मांगी गई 20 कंपनियों में से 16 कंपनियां मेवात पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही हरियाणा की 30 पुलिस कंपनियां मौके पर पहुंच गई हैं और आस-पास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को यहां पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी मुख्य सचिव से प्रदेश के हालात को लेकर फीडबैक लिया।
शांति बहाली के लिए समाज के सभी लोग आगे आएं: मनोहर लाल
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जहां–जहां इस प्रकार की घटनाएं हुई हैं, सब लोग शांति बहाल करने के लिए आगे आएं। प्रशासन ने भी शांति कमेटी की बैठक की है और मैं आशा करता हूं कि लोग शांति बनाने में सहयोग करेंगे और आगे स्थिति न बिगड़े यह सुनिश्चित करेंगे।