पकड़े गए खालिस्तान जिंदाबाद के आतंकी राज्य के विभिन्न गुरुद्वारों में कारसेवक के रूप में काम कर चुके हैं, जबकि महिला आतंकी ड्रग तस्करी का कारोबार करती थी। यह बात आरोपियों से पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरबिंद्र सिंह को फेज-6 स्थित बस स्टैंड के पास से पकड़ा गया था। वह मूलरूप से अमृतसर का रहने वाला है। वह गुरुद्वारों में सेवा करते हुए इन लोगों के संपर्क में आया था। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बिल्कुल साधारण परिवारों से हैं। वह सामान्य लोगों की तरह जीवन जी रहे थे। उन्होंने बताया कि टीमों को बिहार भेजा गया हैं, ताकि आतंकियों हथियार सप्लाई करने वाले को काबू किया जा सके। इस तरह जरनैल सिंह व रनदीप सिंह भी विभिन्न गुरुद्वारों में ही सेवादार के रूप में काम करते थे।
ऐसे हरबिंद्र बन गया था आतंकी
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि हरबिंद्र सिंह पहले क्लीन शेव रहता था। वह करीब तीन पहले दरबार साहिब गया था। वहां पर उसकी मुलाकात कट्टरपंथियों से हुई थी। जो कि अब यूके में रहते हैं। इसके बाद वह सोशल मीडिया के माध्यम से आपस में संपर्क साधते थे। इसके बाद हरबिंद्र ने पगड़ी बांधनी शुरू कर दी थी। साथ ही उसके बाद से खालिस्तान जिंदाबाद के स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहा था।