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Chandigarh News: ओल्ड कालका रोड पर तोड़े 32 अवैध निर्माण, लोगों ने जताया विरोध

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जीरकपुर। ओल्ड कालका रोड पर पिछले लंबे समय से बैठे लोगों को हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेशों पर 32 निर्माणों को तोड़ा गया। कुल 37 निर्माण से जिन्हें तोड़ा जाना था लेकिन 32 को तोड़ा गया है क्योंकि पांच लोगों के पास बिल्डिंग न तोड़ने का स्टे ऑर्डर था। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए स्थानीय लोगों ने खुद ही अपने निर्माण तोड़ने शुरू कर दिए। इस दौरान लोगों ने विरोध भी किया लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
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बता दें कि शहर के कुछ लोगों की ओर से इस सड़क को राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक 104 फुट करने के लिए कोर्ट में याचिका डाली थी जिस पर आदेश देते हुए अदालत ने 28 जुलाई तक इन 37 निर्माणों को तोड़कर सात अगस्त तक अदालत में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। इसके बाद नगर परिषद ने 37 लोगों को अपने निर्माणों को खुद तोड़ने के आदेश दिए थे। शुक्रवार को नगर परिषद ने सुबह 11 बजे कार्रवाई शुरू करते हुए 31 निर्माणों को गिराया है। हालांकि इन निर्माणों को तोड़ने के लिए पिछले तीन दिन से मुनादी की जा रही थी। इसे देखते हुए लोग अदालत में भी गए थे लेकिन अदालत से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। शुक्रवार को सुबह हो रही बरसात के कारण लोगों को राहत मिलती नजर आई लेकिन जैसे ही बरसात कुछ कम हुई तो प्रशासन करीब 11 बजे अपनी पूरी तैयारी के साथ वहां पहुंच गया। यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट जसपाल सिंह और कार्यकारी अधिकारी मनीष सिंह की अगुवाई में की गई जिसमें 70 मुलाजिम शामिल थे। ओल्ड कालका रोड को दोनों तरफ से बंद कर तोड़ने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
बिल्डर को फायदा पहुंचाने के आरोप

इस दौरान समाजसेवी सुखदेव चौधरी ने दुकानदारों व स्थानीय लोगों के साथ मिलकर प्रशासन का काफी विरोध भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर बिल्डर को फायदा पहुंचाने और निशानदेही ठीक न करने के आरोप भी लगाए लेकिन नगर परिषद ने इन आरोपों की परवाह न करते हुए अदालत के आदेशों को पूरा करने के लिए कार्रवाई शुरू कर उसे शाम करीब पांच बजे तक पूरा कर दिया गया।
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पुनर्वास योजना के तहत दुकानदारों को मिल सकती है कहीं और जगह

शुक्रवार को नगर परिषद ने जो दुकानें तोड़ी हैं, उनमें आठ दुकानें नगर परिषद की मलकीयत थी जो लोगों के पास किराए पर हैं। वह पिछले कई सालों से यहां बैठे हैं। उन्हें प्रेस क्लब जीरकपुर के पीछे पड़ी नगर परिषद की जमीन में दुकानें देने पर भी विचार किया जाएगा। इस बात पर अधिकारियों ने कहा कि यह मुद्दा सदन में डिस्कस करके ही कोई फैसला लिया जाएगा। बता दें कि इससे पहले 2015-16 में भी इस सड़क को चौड़ा करने के लिए इस सड़क पर मौजूद 20 मीट की दुकानों को प्रशासन ने यहां से हटाया था और उसके बदले उन्हें प्रेस क्लब के पीछे मार्केट बनाकर दी गई थी। अंदाजा लगाया जा रहा है कि अब भी प्रभावित दुकानदारों को दुकानें दी जा सकती हैं।

मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायतलोगों ने कहा कि हम अदालत के आदेशों का सम्मान करते हैं लेकिन हमारी बात भी सुनी जानी चाहिए। इस दौरान सुखदेव चौधरी और स्थानीय लोगों ने कहा कि धक्केशाही के खिलाफ वह मुख्यमंत्री भगवंत मान से इसकी शिकायत करेंगे।


कोट्स...

यह कार्रवाई अदालत के आदेशों पर की जा रही है। हम अदालत के आदेशों के एक इंच भी बाहर नहीं जा रहे है। पांच निर्माणों को स्टे मिला हुआ है जिन्हें हम नहीं तोड़ रहे हैं। -जसपाल सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
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