अब इन इलाकों में हुई पुष्टि
पिछले 15 दिनों से लगातार जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं। चार दिन पहले विभाग ने जिले के 12 आशंकित मरीजों की रिपोर्ट पुष्टि के लिए रोहतक पीजीआई भेजी थी। मंगलवार को आई रिपोर्ट में जिन तीन मरीजों की पुष्टि हुई है उनमें शहर के भाटिया कॉलोनी के एक 40 वर्षीय व्यक्ति को, गांव बहबलपुर में एक बुजुर्ग महिला तथा गांव भोड़िया में एक 5 वर्षीय बच्ची को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
12 लोगों की रिपोर्ट भेजी गई थी जो मंगलवार को आई है। रिपोर्ट में तीन लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है जिनमें एक 5 वर्षीय बच्ची शामिल है। - डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी अधिकारी।
स्वाइन फ्लू का मिला मरीज, एडवाइजरी जारी
उधर, चंडीगढ़ में भी स्वाइन फ्लू का एक केस मिला है। पीड़ित हाल ही में पंजाब के दौरे पर गया था। जब वह वापस आया तो उसे स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले। जांच हुई तो पॉजिटिव पाया गया। चंडीगढ़ निवासी मरीज को मोहाली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। अब बीमारी कंट्रोल में है। उसके रिश्तेदारों को भी दवाएं दे दी गई हैं।
सेक्टर-16 हास्पिटल में दो संदिग्ध मरीज आए थे। एक चंडीगढ़ का और दूसरा हरियाणा का। जांच में कुछ नहीं मिला। देश के कई हिस्सों में स्वाइन फ्लू पांव पसार रहा है। ऐसे में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर एडवाइजरी जारी कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एडवाइजरी का पालन करने से काफी हद तक बीमारी से बचा जा सकता है।
विभाग के मुताबिक सीनियर सिटीजन, गर्भवती महिलाएं और पांच साल से छोटे बच्चों को स्वाइन फ्लू का खतरा ज्यादा है। उन्हें इस मौसम में ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। इसके अतिरिक्त डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज और कैंसर के मरीजों को भी सतर्क रहना होगा।
ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
खांसी आना
गले में दर्द या खराश
सांस लेने में तकलीफ
शरीर में दर्द
उल्टी व दस्त आना
ऐसे बरतनी होगी सतर्कता
जब भी बाहर से आएं तो हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं।
खांसी आने पर मुंह पर रुमाल रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
पानी खूब पीएं और पौष्टिक भोजन खाएं।
पब्लिक प्लेस पर थूकने से बचें।
हाथ मिलाने से बचें।
बिना डॉक्टर से पूछे कोई दवा न खाएं।
यदि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं तो क्या करें
- बुखार, सांस लेने में दिक्कत, त्वचा या जीभ का नीला पड़ना, बलगम में खून आना, बच्चों में चिड़चिड़ापन, तरल पदार्थ का न लेना और फीड न ले रहा तो तुरंत पास के सरकारी अस्पताल या डिस्पेंसरी में संपर्क करना चाहिए।
- यदि डॉक्टर सलाह देते हैं तो घर पर रही रहें। बाहर जाने से बचें। बच्चों को स्कूल न भेजें। बच्चों को घर के बाकी सदस्यों से दूर रखें।
- लक्षण शुरू होने के सात दिन तक लोगों से दूर रहें। जब तक पूरे लक्षण खत्म नहीं होते, उसके 24 घंटे बाद ही लोगों से मिलें।