चंडीगढ़। फैसला आने से पहले ही शिकायतकर्ता महिला की मौत होने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके बेटे (कागजों में वारिस) के हक में फैसला सुनाते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को 2.92 लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ लौटाने, मानसिक उत्पीड़न व केस खर्च के तौर पर दस-दस हजार रुपये देने का फैसला सुनाया। जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत देने वाली अंजना देवी की मृत्यु सितंबर 2023 में हो गई थी। बाद में उनके कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में उनके बेटे सोमेश कायस्थ ने बैंक के खिलाफ केस लड़ा। सोमेश ने उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि 7 जनवरी 2023 को शाम करीब 8 बजे उनकी मां के पास बैंक से फोन आया, कॉल उनकी बहू ने उठाया। कॉल आने के कुछ समय बाद उनकी मां के खाते से असामान्य लेन-देन हुआ। इसका आभास होने पर परिवार के सदस्यों ने बैंक खाते की जांच की तो पता चला की खाते से तीन बार में 2.13 लाख, 24 हजार और 58 हजार रुपये निकाले गए। कुल 2.96 की लाख रुपये की राशि बिना, किसी लिंक पर क्लिक या बिना ओटीपी साझा किए खाते से निकल गई। इससे परिवार सदमे में आ गया।
बैंक से पैसे कटने के बाद साइबर सेल समेत, एफआईआर की कॉपी समेत बैंक को घटना की जानकारी दी गई, पर लंबा समय बीत जाने और लीगल नोटिस देने के बावजूद बैंक की ओर से रकम नहीं लौटाई गई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने अपना फैसला सुनाया।