2024 के सबसे अधिक भुगतान लंबित हैं। 2024 में 77 प्रतिशत लोगों ने चालान का भुगतान नहीं किया। इसका खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग की ओर से आरटीआई में ली गई जानकारी में हुआ। आरटीआई में मिले डाटा के अनुसार सबसे ज्यादा चालान लाल बत्ती जंप और जेब्रा क्रॉसिंग के हुए। इसके बाद बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाने वालों के चालान हुए। महिलाओं के बिना हेलमेट के 50 हजार से अधिक चालान काटे गए, जबकि पुरुषों के 19 हजार चालान कटे। पिछले तीन साल में तेज रफ्तार के 5 लाख 45 हजार 250 और लाल बत्ती जंप करने वालों के 11 लाख 12 हजार 590 चालान कट चुके हैं। जनवरी में 10 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।
334 करोड़ खर्च कर बनाया गया था आईसीसीसी
आरटीआई कार्यकर्ता आरके गर्ग ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 334 करोड़ रुपये खर्च कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) बनाया गया था। आईसीसीसी ने चंडीगढ़ के 47 प्रमुख जंक्शन पर 2 हजार कैमरे लगाए। न तो चालान से रेवेन्यू मिला, न ही चालान कम हुए। इन कैमरों का मकसद था कि ट्रैफिक कंट्रोल हो सके, लेकिन कैमरे सिर्फ चालान तक ही सीमित रह गए।
साल कुल चालान लंबित भुगतान परसेंट लंबित परसेंट
2020 178952 39634 139318 78 22
2021 239654 47801 191853 80 20
2022 596794 295527 301267 50 50
2023 990069 685736 304333 31 69
2024 991833 758834 232999 23 77
कुल 2997302 1827532 1169770 39 06
साल तेज रफ्तार के चालान
2022 1,89,688
2023 2,07,953
2024 1,47,609
साल कुल चालान रेड लाइट जंप तेज रफ्तार
2022 596795 183409 189688
2023 990069 427892 207953
2024 991748 501289 147609
साल कुल हादसे घायल मौत
2021 208 172 96
2022 237 203 83
2023 182 171 67
2024 169 133 81