स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में स्कूलों में चिन्हित करीब 2,800 विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन कार्यों को जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब जर्जर भवनों से लेकर कमरों, चारदीवारी और शौचालयों की कमी तक दूर होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में स्कूलों में चिन्हित करीब 2,800 विकास कार्यों को पूरा करने के लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन कार्यों को जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। मई 2026 में अमर उजाला ने प्रकाशित खबर में स्कूलों में इन मूलभूत सुविधाओं की कमी उजागर की थी।
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विभाग की ओर से प्रदेश के 14,300 से अधिक सरकारी स्कूलों का निरीक्षण कराया गया था। इस दौरान स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और भवनों की स्थिति का मौके पर आकलन किया गया। निरीक्षण में पुराने और जर्जर भवनों को हटाने, नए कमरे बनाने, चारदीवारी, नए शौचालय और विभिन्न छोटे-बड़े मरम्मत कार्यों की जरूरत सामने आई।
इस तरह टीम ने किया सर्वे
निरीक्षण में जिला व खंड स्तर के अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। कनिष्ठ अभियंता, सहायक मंडल अभियंता, खंड शिक्षा अधिकारी, एबीआरसी और स्कूल प्रबंधन समितियों के सदस्यों ने स्कूलों की वास्तविक स्थिति दर्ज की। इसके आधार पर प्रत्येक विद्यालय की जरूरत के अनुसार अलग-अलग सूक्ष्म योजना तैयार की गई है।
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11.01 करोड़ से स्वच्छता और सुगम सुविधाएं
विद्यार्थियों के लिए बेहतर स्वच्छता और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सुगम सुविधाएं विकसित करने को 11.01 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 484 लड़कों के नए शौचालय, 173 लड़कियों के शौचालय, 97 दिव्यांग-अनुकूल शौचालय और 51 रैंप बनाए जाएंगे। पुराने शौचालयों की मरम्मत और जीर्णोद्धार भी होगा।
विभाग के अनुसार सरकारी स्कूलों में निपुण कार्यक्रम, सुपर-100, कौशल विकास, फ्रेंच और जर्मन भाषा शिक्षण सहित कई पहल चल रही हैं। संस्कृति मॉडल स्कूल, मुख्यमंत्री उत्कृष्टता और पीएम श्री स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा दी जा रही है।