चंडीगढ़। 27 सप्ताह की गर्भावस्था में 550 ग्राम वजन के साथ जन्मी प्री-मेच्योर बच्ची ने सभी मुश्किलों को पार पाने में सफलता प्राप्त की है। मैक्स हास्पिटल के कंसलटेंट पीडियाट्रिक्स व नियोनेटोलॉजी के डा. मनु शर्मा ने बताया कि बच्ची को करीब तीन महीने तक एनआईसीयू में इनक्यूबेटर में रखा गया था। बच्ची को कई अन्य तरह की मुश्किलें भी थीं, जिनमें फेफड़ों (एचएमडी) का पूरी तरह से विकसित ना होना, दिल में छेद (पीडीए), इंफेक्शन (नियोनटाल सेप्सिस) व शॉक शामिल था। उम्मीद तब बनी, जब बच्चे ने धीरे-धीरे स्तनपान व कंगारू मदर केयर से सुधार करना शुरू कर दिया। मैक्स से छुट्टी के समय, बच्चे का वजन लगभग 1,350 ग्राम और पूरी तरह से स्तनपान कर रही थी। बच्ची न्यूरोलॉजिकल रूप से सामान्य थी और उसने चम्मच से भी अच्छी तरह से खाना खाना शुरू कर दिया था और उसके सुनने की क्षमता और दृष्टि सामान्य थी। 600 ग्राम से कम वजन के साथ पैदा होने वाले बच्चों में से सिर्फ 10 प्रतिशत ही बेस्ट केयर मिलने के चलते ही जीवित बच पाते हैं। कुछ समय पहले तक सामान्य तौर पर 500 ग्राम के बच्चे के मामले में डॉक्टर्स द्वारा गर्भपात करवाना ही उचित समझते थे।