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Chandigarh News: आठ महीने में 262 ने की आत्महत्या की कोशिश, डॉक्टरों ने बचाया

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मोहाली। देश और दुनिया में आत्महत्या के बढ़ते मामले गंभीर चिंता का विषय हैं। फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में जनवरी से लेकर अगस्त तक 262 लोगों ऐसे भर्ती हुए जिन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन डाॅक्टरों ने उनकी जान बचा ली।
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मनोचिकित्सक डॉक्टर एकर्म गोयल ने बताया कि अस्पताल में हर दिन डिप्रेशन की बीमारी से जूझ रहे 10 से 15 मरीज आते हैं। चार से पांच ऐसे मरीज आते हैं जिनका आत्महत्या करने का मन करता है लेकिन कर नहीं पाते हैं। तीन से चार मरीज वह आते हैं जो आत्महत्या का प्रयास कर कर चुके होते हैं। ज्यादातर आत्महत्या करने वाले मरीज जो अस्पताल में आए हैं उन्होंने जहर खाकर अपने आप को मारने की कोशिश की है।

डॉ. गोयल का कहना है कि अस्पताल में जो भी आत्महत्या के मामले आ रहे हैं। उनमें ज्यादातर युवा पीढ़ी के खराब संबंध होने के चलते आ रहें हैं जिनमें की लड़का-लड़की समझदारी से काम नहीं लेते है और बिना कुछ सोचे समझे आत्महत्या करने का फैसला ले लेते हैं। इसके साथ ही युवा पीढ़ी में बढ़ रही नशे की लत भी आत्महत्या का एक बढ़ा कारण है। युवा पीढ़ी आज के समय में अपनी बातों को किसी के साथ भी साझा नहीं करती है और अकेली रहना पसंद करती है। उनके लिए उनका सब कुछ उनका फोन ही होता है वह फोन के अंदर सोशल मीडिया की दुनिया में ही खोए रहते हैं। ऐसे में उन्हें अपने दोस्तों और माता-पिता के साथ बातों को साझा करना चाहिए जिससे की वह अपने अकेलेपन को दूर कर सके।
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थेरेपी और काउंसलिंग से किया जाता है इलाज

जिन भी लोगों को बार-बार आत्महत्या करने का ख्याल आ रहा होता है उन्हें न सिर्फ दवा देकर ठीक किया जाता है उनकी समय-समय पर थेरेपी और काउंसलिंग भी की जाती है। इससे उनकी डिप्रेशन की बीमारी को दूर किया जाता है। यह दोनों तरीके इलाज के सबसे अच्छे तरीकों में से एक माने गए हैं क्योंकि हर बीमारी सिर्फ दवा से ठीक नहीं होती।



कोट्स...

आज के समय में युवा पीढ़ी सिर्फ अपने आप में ही रहना चाहती है। इस कारण वह अपने रिश्तों को भी खराब कर लेते हैं जिससे वह डिप्रेशन में रहने लगते है और आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। उन्हें डॉक्टरों, परिजनों और दोस्तों के साथ बात को साझा करना चाहिए। इसके साथ ही नशा भी आत्महत्या का एक बड़ा कारण है। इस पर रोक लगाना जरूरी है। - मनोचिकित्सक डॉ. एकर्म गोयल, असिस्टेंट प्रोफेसर, सिविल अस्पताल फेज-6
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जनवरी से अगस्त तक आत्महत्या की कोशिश करने वालों का आंकड़ा
महीने पुरुष महिला लड़के लड़कियां

जनवरी 4 9 1 0

फरवरी 9 3 0 1

मार्च 6 11 1 3

अप्रैल 17 11 0 2

मई 14 16 4 2

जून 20 21 2 2

जुलाई 28 24 6 4

अगस्त 16 18 3 4
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