उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी जानकारी-लीज रेंटल सब्सिडी समेत छह योजनाओं को धरातल पर लाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में उन हुनरमंद युवाओं के लिए अच्छी खबर है, जो अपने स्टार्टअप को राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट करवा लेंगे। उन्हें स्टार्ट अप पेटेंट पर 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदेश सरकार देगी। इससे युवा उद्यमी बनने के लिए प्रेरित होंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवा वैज्ञानिकों, युवा उद्यमियों सहित उन तकनीकी दक्षता वाले विद्यार्थियों को इस योजना से लाभ मिल सकता है, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्टार्ट अप को पेटेंट करवा लेते हैं।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सरकार की इस योजना की जानकारी स्टार्ट अप से संबंधित छह योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई बैठक में दी। सरकार की इस योजना से उन युवाओं को काफी राहत मिलेगी, जो हुनर होने के बावजूद फंड के अभाव में काम शुरू नहीं कर पाते।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने करीब एक साल पहले हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी 2022 बनाई थी, जिसके तहत राज्य के युवाओं को प्रदेश में कम से कम पांच हजार नए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे जहां हरियाणा के युवाओं को उद्यमी बनने का मौका मिलेगा, साथ ही रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। प्रदेश में स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के साथ उद्योगों का कोलेबोरेशन किया जा रहा है। चौटाला ने कहा कि हरियाणा स्टेट स्टार्टअप पॉलिसी 2022 में छह नई योजनाएं अमल में लाई जा रही हैं, जिनमें राज्य में स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को कई फिस्कल इन्सेन्टिव्स दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पेटेंट कॉस्ट रेम्ब्रसमेंट स्कीम, लीज रेंटल सब्सिडी स्कीम, नेट एसजीएसटी रेम्ब्रसमेंट, असिस्टेंस इन एक्सीलेरशन प्रोग्राम्स स्कीम, क्लॉउड स्टोरेज रेम्ब्रसमेंट स्कीम, सीड फंड स्कीम को जल्द ही लागू कर दिया जाएगा, ताकि राज्य में स्टार्टअप के प्रति युवाओं में और अधिक उत्साह बने और वे उद्यमी बनकर देश एवं प्रदेश की आर्थिक वृद्धि में भागीदार बन सकें।