हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने एक अभिभावक द्वारा अपने पुत्र का दूसरा जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का एक मामला पकड़ा है।
विभाग ने प्रदेश में फर्जी तौर पर कराए जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के अब तक करीब 25 मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई है। इसमें से कई मामलों में सजा भी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि दूसरा जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के इस मामले में आवेदक ने अपने पुत्र का वर्ष-1999 में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के बावजूद वर्ष-2012 में उसे दो वर्ष छोटा बताकर दूसरा प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया।
विभाग द्वारा विलंब से दर्ज करवाई जा रही जन्म की घटनाओं की गहनता से जांच की जाती है। ऐसे मामलों में आवेदक से निर्धारित कागजात लिए जाते हैं और गवाह प्रस्तुत करने को भी कहा जाता है।