प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के लिए हरियाणा सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हरियाणा से बिहार के लिए 23 और पश्चिम बंगाल के लिए 6 ट्रेनें चलाई जानी प्रस्तावित है। अभी तक 8 ट्रेनों की स्वीकृति मिल चुकी है। उम्मीद है अन्य ट्रेनों को भी जल्द हरी झंडी मिल जाएगी।आईजी सीआईडी अनिल कुमार राव ने बताया कि 20 से 26 मई तक बिहार के लिए 23 ट्रेनें चलाई जानी प्रस्तावित हैं। जिनमें से बिहार सरकार से 8 ट्रेनों की स्वीकृति मिल चुकी है।
इसी तरह, 20 से 23 मई के बीच मध्य प्रदेश के लिए 8 रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। जिनकी स्वीकृति मध्य प्रदेश सरकार से मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के लिए भी 6 विशेष ट्रेनें चलाई जानी प्रस्तावित हैं। जबकि एक ट्रेन असम के गुवाहाटी के लिए भी चलाई जाएगी। हरियाणा सरकार द्वारा लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजने के लिए रेलगाड़ियां व बसों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
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अब तक विभिन्न राज्यों के 1 लाख 88 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों को रेलगाड़ियां, बसों व अन्य साधनों से उनके गंतव्य स्थानों पर भेजा जा चुका है। इसी कड़ी में सोमवार को तीन विशेष रेलगाड़ियां के माध्यम से लगभग 3800 प्रवासी मजदूरों को बिहार व मध्य प्रदेश स्थित उनके गृह जिलों के लिए रवाना किया गया।
इनमें से एक रेलगाड़ी पानीपत से बिहार के कटिहार, दूसरी गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा जबकि तीसरी ट्रेन भिवानी से मध्य प्रदेश के छतरपुर गई है। इसके अलावा, 284 बसों से लगभग 8500 श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भी भेजा गया है। अब तक 46 विशेष रेलगाड़ियां प्रवासी श्रमिकों व अन्य लोगों को लेकर जा चुकी हैं। इनमें से 33 ट्रेनें बिहार और 13 ट्रेनें मध्य प्रदेश गई हैं। इसी तरह, 2938 बसों के माध्यम से भी प्रवासी श्रमिकों व अन्य लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजा गया है।