चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने दो क्रेडिट कार्ड से लेनदेन अस्वीकार करने के 15 मिनट के भीतर एक कार्ड से 1.7 लाख रुपये और 1.12 लाख रुपये काटने के मामले में सुनवाई करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को सेवा में कोताही बरतने का दोषी करार दिया है। इसके साथ एसबीआई को शिकायतकर्ता को हर्जाना के रूप में 2.10 लाख रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं। वहीं, मानसिक उत्पीड़न के लिए दस हजार व केस में खर्च हुई राशि के रूप में सात हजार रुपये देने होंगे।
सेक्टर-28 निवासी राजेश कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि वह एसबीआई के दो क्रेडिट कार्ड होल्डर है। 13 फरवरी 2023 को सुबह 11 बजकर 51 मिनट पर संदेश आया कि उसके एक क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 7 हजार 230 रुपये का लेनदेन अस्वीकार करने के साथ कार्ड ब्लॉक कर दिया गया। इसके ठीक तीन मिनट बाद मैसेज आया कि 1.07 लाख रुपये की राशि डेबिट (खर्च ) कर ली गई है। वहीं, इससे 15 मिनट पहले भी शिकायतकर्ता को दूसरे क्रेडिट कार्ड के संदर्भ में 1 लाख 12 हजार 336 रुपये लेनदेन अस्वीकार करने के साथ कार्ड ब्लॉक करने के संदेश आया था। इसके तीन मिनट बाद भी 1.12 लाख रुपये खर्च करने का संदेश प्राप्त हुआ। शिकायतकर्ता की ओर से दोनों क्रेडिट कार्ड से पैसे कटने की शिकायत एसबीआई को दी। पुलिस शिकायत के साथ एसबीआई को लीगल नोटिस भेजा गया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने एसबीआई को शिकायतकर्ता को हर्जाना के रूप में 2.9 लाख रुपये देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ मानसिक उत्पीड़न के लिए दस हजार व केस में खर्च हुई राशि के रूप में सात हजार रुपये देने की बात कहीं है।