जिला बरनाला में 2013 से अबतक 185 किसान खुदकुशी कर चुके हैं। लेकिन अबतक सिर्फ 27 परिवारों के लिए ही मुआवजे के रूप में 61 लाख की राशि जारी हुई है। जबकि 158 परिवार ऐसे हैं जो अभी भी मुआवजे के इंतजार में बैठे हैं।
डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने बताया कि जिन 27 पीड़ित परिवारों के लिए 61 लाख की मुआवजा राशि जारी हुई है, उनमें से 5 किसानों नें 2013 में, 15 किसानों ने 2014 में और 07 किसानों ने 2016 में खुदकुशी की थी। उन्होंने बताया कि खुदकुशी कर चुके किसान नैब सिंह हमीदी, दर्शन सिंह चीमा, हाकम सिंह संघेडा, गोबिंदर सिंह धनौला, केवल सिंह ठुल्लीवाल, कर्मजीत सिंह चुहानके खुर्द, जगसीर सिंह चीमा, प्रीतम सिंह संधू कलां, बलवीर सिंह कूबे, सुखविंदर सिंह खियाली, गुरशिंगार सिंह घुंनस, राजपाल सिंह बीहला, राणी कौर महिलखुर्दू, गुरलाल सिंह ठुल्लेवाल, पाला सिंह पक्खोकलां, जगपाल सिंह रूडेके खुर्द, कुलविंदर सिंह वजीद के कलां, जरनैल सिंह शहणा, गुरजीत सिंह वजीद के कलां, भूपिंदरपाल चंननवाल, प्रितपाल सिंह काहनेके, हरिकृष्ण सिंह चीमा, कुलविंदर सिंह कूबे, निर्मल सिंह तलबंडी , अमृतपाल धूरकोट, हरपाल सिंह बदरा व देव सिंह गांव बदरा के पीड़ित परिवारों को यह मुआवजा राशि जारी की गई है।
जिला के मुख्य खेतीबाड़ी अफसर करनैल सिंह संधू ने बताया कि 2013 से लेकर अब तक 185 किसानों ने जिला बरनाला में सुसाइड की, जिनमें से चार बर्षों के बाद सिर्फ 27 परिवारों के लिए ही मुआवजा राशि रलीज की गई है। जबकि 158 किसानों की कार्रवाई अभी अधूरी है। दूसरी तरफ जिला बरनाला में कांग्रेस के मौजूदा कार्यकाल के दौरान बरनाला जिले में 10 के करीब किसान सुसाइड कर चुके हैं, खेतीबाड़ी अफसर करनैल सिंह संधू का कहना है कि कांग्रेस के मौजूदा कार्यकाल के दौरान कितने किसानों ने सुसाइड किया इस बारे में वह नहीं बता सकते। जबकि डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि कांग्रेस के मौजूदा कार्यकाल दौरान कमेटी के आगे सिर्फ एक किसान का सुसाईड केस सबूतों सहित सामने आया है।