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सेहत से खिलवाड़: कैल्शियम से पकाया जा रहा 180 किलो आम पकड़ा

Wed, 17 May 2017 10:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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पपीते के बाद आम को भी कैल्शियम कार्बाइड से पकाने का मामला सामने आया है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मंगलवार सुबह छापा मारकर करीब 180 किलो आम पकड़ा है। ये आम कैल्शियम कार्बाइड से पकाए जा रहे थे।
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फलों के पकाने के लिए केमिकल के इस्तेमाल पर रोक है। डिपार्टमेंट की ओर से डाली रेड का इन फल विक्रेताओं पर कोई असर नहीं पड़ रहा। मंडी में चोरी-छिपे कारनामे को अंजाम दे रहे हैं। पिछले डेढ़ हफ्ते में फूड सेफ्टी की यह चौथी रेड है। सबसे पहली रेड में ढाई टन पपीता, उसके बाद पांच टन पपीता, फिर 200 किलो आम और मंगलवार को 180 किलो आम पकड़ा गया।

इस समय खरीदें तो फल मिलेगा ताजा
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां से फलों की सप्लाई होती है, वहां पर केमिकल या इथिलिन नहीं डाला जाता। चंडीगढ़ में फल पकाने का काम होता है। लोगों को यदि स्वच्छ फल खरीदने हैं तो सुबह छह बजे के आसपास मंडी पहुंचें और फल खरीदें। उस दौरान जो भी फल मिलेंगे वे ताजे और स्वच्छ होंगे।
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कैसे पहचानें कि फल को केमिकल से पकाया गया है

papaya - फोटो : File Photo
कैल्शियम कार्बाइड से नुकसान
पीजीआई से जुड़े डाक्टरों ने बताया कि केमिकल युक्त फल खाने से न्यूरो से संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है।

कैसे पहचानें कि फल को केमिकल से पकाया गया है
यदि फल पूरे एक रंग से पक रहा है तो समझ जाइए कि केमिकल का इस्तेमाल किया गया है। बिना केमिकल से फल पर कई रंग होते हैं जैसे कि आम कहीं से पीला होगा या फिर हरा। फल में जगह-जगह सफेद रंग के धब्बे जैसे होंगे। इससे आसानी से फल को पहचाना जा सकता है।
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