दुष्कर्म की कोशिश के दोषी को जज ने 18 साल की सजा सुनाई, वहीं जज ने लड़कियों की सुरक्षा और चंडीगढ़ शहर पर तीखा कमेंट किया। फैशन डिजाइनर युवती से दुष्कर्म की कोशिश के दोषी ऑटो चालक अटावा निवासी मुकेश को अदालत ने 18 साल, एक महीने कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1.68 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि फैसला सुनाते हुए जिला अदालत-43 की जज पूनम आर जोशी ने अपनी टिप्पणी में कहा कि चंडीगढ़ स्वतंत्र रूप से घूमने वाली महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा है।
जज ने कहा कि जो ऑटो पब्लिक की सुविधा के लिए हैं, अब वही अपराध का साधन बन गए हैं। यह स्थिति चिंताजनक है। देहरादून निवासी युवती 20 मई को प्रोफेशनल टूर पर चंडीगढ़ आई थी। सेक्टर- 35 में डिनर के बाद वह सेक्टर-42 निवासी दोस्त के घर जा रही थी। रात करीब ढाई बजे युवती सेक्टर-35/43 के चौक के समीप पहुंची तो सेक्टर-35 की तरफ से एक ऑटो चालक उसके पास रुका। युवती ने सेक्टर-42 जाने को कहा तो चालक मुकेश ने उसे ऑटो में बिठा लिया। लेकिन वह युवती को सेक्टर-42, अटावा के स्लिप रोड़ पर अंधेरे में ले गया और ऑटो रोककर युवती से छेड़छाड़ करने लगा।
युवती विरोध करती रही जबकि वह उससे दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। उसी दौरान सेक्टर-43 बस स्टैंड से सेक्टर-17 जा रही एक सीटीयू बस के ड्राइवर मोहित व कंडक्टर रविंदर की नजर युवती पर पड़ी। युवती की चीखें सुनकर उन्होंने बस रोकी और दौड़कर युवती को बचाया। इसके बाद उन्होंने आटो चालक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने ऑटो चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। दोषी ने वारदात में इस्तेमाल ऑटो नंबर (सीएच10-5टी-222) को मार्च, 2016 में खरीदा था। लेकिन वारदात के समय तक उसने अपना ऑटो रजिस्टर्ड नहीं कराया था।