चंडीगढ़। दोबारा कोरोना जांच के लिए यूके से लौटे लोगों को मनाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम दूसरे दिन भी जुटी रही। मोबाइल टीम के साथ हेल्प डेस्क पर तैनात डॉक्टर यूके से लौटे लोगों से संपर्क कर दिनभर उनका फीडबैक नोट किया और उन्हें जांच के लिए मनाया। काफी समझाने पर 52 यात्रियों में से 17 ने दोबारा जांच के लिए हामी भर दी। इसके बाद उनकी जांच की गई। जांच के बाद 17 में से 8 की रिपोर्ट निगेटिव आई है जबकि 9 की रिपोर्ट अभी लंबित है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 9 से 23 दिसंबर के बीच यूके से लौटे सभी 52 यात्रियों से संपर्क किया जा चुका है लेकिन सभी लोग अपनी जांच कराने को तैयार नहीं हो रहे हैं। दूसरे दिन भी कई यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जांच कराने का हवाला देकर मोबाइल टीम को वापस कर दिया।
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दूसरे प्रदेशों में गए यात्रियों की सूचना आईडीएसपी सेल को दी गई
यूके से लौटने के बाद जिन लोगों के दूसरे प्रदेशों में रहने की जानकारी मिली है, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां की आईडीएसपी सेल को इसकी सूचना दे दी है ताकि वहां की टीम उन लोगों को ढूंढकर संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करा सके। जानकारी के अनुसार, यूके से लौटे दो यात्रियों के गुरुग्राम में, एक के गोवा और दो के पंजाब जाने की सूचना है।
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निजी लैब में जांच कराने की कह रहे बात
जिन 52 यात्रियों से संपर्क किया जा चुका है, उनमें से 17 ने दोबारा जांच करा ली है लेकिन बाकी ने यह कहकर स्वास्थ्य विभाग को लौटा दिया कि वह किसी निजी लैब में अपना जांच करा रहे हैं। निजी लैब के बारे में जानकारी मांगने पर उन्होंने बताने से साफ इनकार कर दिया। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि जांच से बचने के लिए वे निजी लैब की बात कहकर स्वास्थ्य विभाग को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
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हेल्प डेस्क लगातार कर रही काउंसलिंग
स्वास्थ्य विभाग की हेल्प डेस्क लगातार यूके से लौटे लोगों से फोन के माध्यम से संपर्क कर रही है। कॉल करके उनसे अनुरोध किया जा रहा है कि किसी भी तरह की शारीरिक बदलाव या परेशानी होने पर उसकी सही सही सूचना दें। उन्हें यह बात समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि उनके द्वारा दी गई एक छोटी सी गलत जानकारी फिर से नए कोरोना महामारी का रूप धारण कर सकती है।