चंडीगढ़।
किसी भी आपदा के दौरान राहत पहुंचाने को लेकर दी जा रही 165 सिविल डिफेंस वाॅलंटियर्स की ट्रेनिंग चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन में हुई। चंडीगढ़ प्रशासन की पहल के बाद यह ट्रेनिंग शुरू की गई है। दरअसल, भारत-पाक वॉर के दौरान 6000 लोगों ने सिविल डिफेंस वालंटियर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें 1600 लोगों की लिस्ट फाइनल हुई। उसमें अब पहला बैच तैयार हो गया है। एक सप्ताह तक 165 लोगों को अलग-अलग तरीके की ट्रेनिंग देकर सिविल डिफेंस वालंटियर के तौर पर तैयार किया गया है।
मुख्यालय पश्चिमी कमान के तत्वावधान में भारतीय सेना द्वारा शनिवार को ट्रेनिंग दी गई। सभी वालंटियर को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन का दौरा कराया गया। इस दौरे का उद्देश्य स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सहायता के बारे में बताना था। इसके अलावा आम आदमी और सेना के बीच बेहतर तालमेल से कैसे काम किया जा सकता था इसकी ट्रेनिंग भी दी गई।
गौरवशाली इतिहास से जुड़ी फिल्में दिखाई
प्रशिक्षण लेने वाले लोगों को ऑपरेशन सिंदूर और पश्चिमी कमान के गौरवशाली इतिहास और विरासत से जुड़ी फिल्में दिखाई गई। इसके बाद चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन पर सेना इकाइयों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। यहां वालंटियर्स को संयुक्त समन्वय अभ्यास, कृत्रिम आपदा अभ्यास और मानवीय सहायता और आपदा राहत के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा फिटनेस को लेकर भी सेना की तरफ से ट्रेनिंग दी गई। भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक लड़ाकू आपदा राहत प्लेटफार्मों और सैन्य हथियारों और उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई। सिविल डिफेंस वालंटियरों को सेना के आधुनिक हथियार भी दिखाए गए।