सिविल अस्पताल में आया डेेंगू का केस
- सेक्टर-25 निवासी शंटी को डेंगू की पुष्टि हुई
- जनवरी से नवंबर तक आए डेंगू के 130 मामले सामने
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। मौसम में बदलाव के बाद भी बीते बुधवार को एक डेंगू का केस आया है। सर्दियों के बाद डेंगू के केस आना चिंता का विषय है। बीते बुधवार को सेक्टर-25 निवासी शंटी को डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि हमें अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है।
पिछले साल की अपेक्षा इस बार कम मामले
अभी तक जनवरी से नवंबर तक डेंगू के 130 मामले सामने आए हैं। वहीं 2017 में 190 मामले सामने आए थे। सेक्टर-4 जनरल अस्पताल के सीएमओ सुभाष शर्मा ने बताया कि डेंगू पर नियंत्रण है। लेकिन लोग अभी भी असावधानी बरत रहे हैं। एक-दो केस अभी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में डेंगू का लारवा पैदा नहीं होता है, क्योंकि इन दिनों अगर बारिश का पानी जमा हो जाए तो तापमान कम होने के कारण डेंगू का लारवा पैदा नहीं हो सकता।
स्वास्थ्य विभाग ने देेरी से बांटी थी मच्छरदानी
जून और जुलाई में गर्मी के कारण मच्छर पैदा हो जाता है। इन दिनों मानसून की बारिशों के दौरान पानी इकट्ठा होने के कारण मच्छर का लारवा पैदा हो जाता है और मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जुलाई से सितंबर के बीच बांटे जाने वाली मच्छर दानी स्वास्थ्य विभाग ने अक्तूबर माह में डेंगू के केसों की पुष्टि होने के बाद बांटी थी। मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. नितिन गर्ग ने बताया कि नॉर्मल बुखार में पेट में इंफेक्शन होता है। उल्टी-दस्त शुरू होने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। यह बुखार भी काफी गंभीर होता है। डेंगू के बुखार में प्लेटलेट्स एकदम से गिरने लगते हैं। डेंगू बुखार का इलाज टाइम पर नहीं हुआ तो इम्यून सिस्टम पूरी तरह खराब हो सकता है और बीमारी जानलेवा हो सकती है। वहीं नॉर्मल बुखार ब्रेन और डेंगू का बुखार प्लेटलेट्स पर असर डालता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
पानी को एक जगह न ठहरने दें। रोगी को मच्छर के कटाने से बचाएं। मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का प्रयोग करें। सभी प्रवेश बिंदुओं को ब्लॉक करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। कूड़ेदान को साफ रखें।