शिमला, दिल्ली, हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को हुई परेशानी
- लोकल रूट पर भी बसों के लिए लोग कर रहे एक घंटे इंतजार
- बस का संचालन बंद होने से रोडवेज को 11.30 करोड़ रुपये का घाटा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर चल रही 13वें दिन हड़ताल के बाद रविवार को यात्रियों को जमकर परेशानी हुई। शिमला, दिल्ली, हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को डायरेक्ट बस नहीं मिली। इस कारण यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ा। लोकल रूट पर 50 बसों का संचालन किया गया। बस का संचालन बंद होने के कारण रोडवेज को 11.30 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। वहीं हड़ताल के कारण लांग रूट पर 56 बसों का संचालन बंद रहा। लोकल रूट पर चलने वाली बसें भी कांट्रैक्ट पर भर्ती किए गए कर्मचारियों के माध्यम से चलाई जा रही है। इस कारण यात्रियों को रूट पर बसें एक घंटे देरी से मिल रही है। यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लोकल रूट के यात्रियों को रायपुररानी, कालका, पिंजौर, मोरनी जाने के लिए बस का इंतजार करना पड़ रहा है। यात्रियों को टैक्सी से दिल्ली जाने में चार हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहे हैं। जिस वजह से यात्री परेशान हैं। दिल्ली जाने वाले अमनिंदर सिंह ने बताया कि बस नहीं मिलने से परेशानी आई है। मैंने टैक्सी हायर की है। परिवार के साथ जाने में चार हजार रुपये का किराया टैक्सी की ओर से लिया जा रहा है।
रोडवेज कर्मचारियों को संयुक्त संघर्ष समिति ने दिया समर्थन
पंचकूला में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को हरियाणा प्रदेश किसान व मजदूर कांग्रेस कमेटी का समर्थन रणधीर सिंह मलिक के नेतृत्व में दिया। मौके पर प्रमोद डाबला, उपाध्यक्ष मनीष मल्होत्रा, संत राम, अमरीक सिंह, प्रेम ठाकुर, कमल सिह, हैपी, विकरम , अभय सिह और अशोक कुमार, रणधीर मलिक के साथ धरना स्थल पर गए। प्रमोद डाबला ने भाषण में रोडवेज कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया।