फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनी मांगों को लेकर पांचवें दिन भी हड़ताल पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियर

विज्ञापन
विज्ञापन
टैंट हटाने का कारण पूछने पर एसीएस ने लगाए गाड़ी घेरने के आरोप
विज्ञापन

- अपनी मांगों को लेकर पांचवें दिन भी हड़ताल पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन के सदस्य अपनी मांगों को लेकर सोमवार को भी पांचवें दिन उपवास पर बैठे रहे। ये क्रमिक उपवास 31 अक्तूबर तक जारी रहेगा। सेक्टर-5 के शक्ति भवन चौक पर बैठे कर्मियों से एसीएस पीए मिलने पहुंचे जिन्होंने उन्हें धरनास्थल पर बैठने को कहा। जब कर्मियों ने लिखित में देने को कहा कि उन्हें वहां बैठने का अधिकार क्यों नहीं है तो उन्हें किसी अन्य केस की फाइल पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिखाए गए जिनका उनसे कोई लेना देना नहीं। पीए के जाने के बाद कर्मियों से मिलने एएसआई रमेश चंद्र मिलने पहुंचे। उन्होंने भी कर्मियों को शांति भवन चौंक से उठकर धरना स्थल पर जाने को कहा, तो कर्मियों ने लिखित में देने को कहा और एएसआई ने मना कर दिया।

टैंट उखाड़ने का कारण पूछा तो लगाए झूठे आरोप
शनिवार को उपवास पर बैठे कर्मियों के टैंट जबरन हटा दिए गए। जिसका जवाब मांगने जब पूर्व मंत्री अभिमन्यु धनखड़ एसीएस से मिलने पहुंचे तो उन्होंने बताया कि हमने पिछले 15 सालों से किसी भी दफ्तर के बाहर ऐसे प्रदर्शन करने की अनुमति नही दी। जब उन्होंने लिखित में देने को कहा तो एसीपी ने कहा कि मैं कुछ भी लिखित में नहीं दे सकता। इसके पश्चात पूर्व मंत्री अभिमन्यू शांतिपूर्वक वहां से वापिस आ गए। जिसके पश्चात एसीपी ओपी ने उन पर अपनी गाड़ी का घेराव करने का आरोप लगाया जो कि बिल्कुल झूठा था। अभिमन्यु ने कहा कि सीपी अगर सही है तो दफ्तर में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि समय सीमा के दौरान अगर निगम प्रबंधक और हरियाणा सरकार की आंखें नहीं खुलती हैं और हमारी आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंचती है, तो हम दो से तीन नवंबर 2018 को सीएम सिटी करनाल में प्रदेश के सारे जेई/जे ई-1/इंचार्ज एक दिवसीय 24 घंटे सामूहिक उपवास कर सत्याग्रह आंदोलन करेंगे और अपनी जायज मांगों के समर्थन में सामूहिक प्रदर्शन करेंगे। अगर निगम प्रबंधन या हरियाणा सरकार ने किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही करने की कोशिश की और हमारी आवाज को दबाने के लिए अनैतिक कार्य किया तो उपरोक्त एक दिवसीय उपवास की समय सीमा बढ़ाकर बहुदिवसीय और फिर अनिश्चितकालीन भी की जा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें