बारिश से कालका-शिमला हाईवे की सड़क धंसी
- एहतियातन डिवाइडर तोड़ हाईवे को किया गया वन-वे
- पांच किलो मीटर के बीच वाहनों की लगी लंबी कतार
- कौशल्या नदी के पानी से सडक़ के नीचे की मिट्टी खिसकी
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला/कालका। बारिश के चलते कालका-शिमला नेशनल हाईवे अमरावती-सूरजपुर के बीच धंस गया। जैसे ही इसकी खबर प्रशासनिक अधिकारियों को मिली वह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियातन हाईवे को वन-वे कर दिया। इससे हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर वाहनों का लंबा जाम लग गया। जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से सोमवार को कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया। ऐसे में डैम को बचाने के लिए वहां से पानी कौशल्या नदी में छोड़ दिया गया, जिसके चलते चंडीमंदिर टोल प्लाजा के आगे पिंजौर-सूरजपुर के मध्य अमरावती एन्क्लेव के पास हाईवे की एक तरफ की सड़क के नीचे से मिट्टी बह गई। जिस वजह से सड़क धंस गई। यहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने मिट्टी खिसकने की जानकारी अमरावती चौकी इंचार्ज को दी। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के मद्देनजर डिवाइडर को तोड़कर ट्रैफिक को वन-वे किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों समेत बाढ़ नियंत्रण टीम को सूचित किया।
अमरावती चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक नदी के पानी से हाईवे को नुकसान पहुंचा है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि उन्हें करीब शाम साढ़े पांच बजे मिट्टी खिसकने की सूचना मिली। इसके बाद वह हाईवे पेट्रोलिंग पुलिस को सूचित करने के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हाईवे पर करीब एक किलोमीटर की दूरी के बीच ट्रैफिक को वन-वे किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस टीम को तैनात कर दिया गया है।
कौशल्या डैम से छोड़ा गया 2000 क्यूसिक पानी
डैम प्रबंधन ने सोमवार दोपहर डैम से करीब दो हजार क्यूसिक पानी को कौशल्या नदी में छोड़ दिया। इससे नदी उफान पर आ गई। क्योंकि बारिश के चलते नदी में पहले से काफी पानी था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नदी में पानी का स्तर बढ़ने से उसने आसपास की मिट्टी को काटना शुरू कर दिया। यही कारण रहा कि नदी के पानी से कालका-शिमला नेशनल हाईवे सड़क धंस गई।
खतरे के निशान पर कौशल्या डैम
कौशल्या डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। जानकारी के अनुसार डैम में 4.78 मीटर पानी को स्टोर किया जा सकता है। यदि इससे ज्यादा पानी स्टोर हुआ तो डैम को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में सोमवार को डैम का जलस्तर 4.78.20 पहुंच गया। डैम प्रबंधन ने खतरे को निशान को पानी को रिलीज किया। इरीग्रेशन डिमार्टमेंट के एसडीओ दीपक ने बताया कि 20 मीटर पानी डैम में ज्यादा स्टोर था, जिसे कौशल्या डैम में छोड़ा गया है। हालांकि इससे पहले संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया था।
कौशल्या डैम से सूचना मिली थी कि नदी में पानी को छोड़ा जा रहा है। इसी के मद्देनजर वह टीम के साथ अमरावती पुल पर खड़े थे। इसी दौरान देखा गया कि नदी का पानी हाईवे की सड़क की मिट्टी को काट रहा है। इसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे को वन-वे किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित क्षेत्र में बैरीकेड्स कर वाहनों को रोक दिया है। - सुखविंदर सिंह, अमरावती चौकी प्रभारी