पराली जलाने वाले किसानों की खैर नहीं, लगेगा भारी जुर्माना
जिला सचिवालय सभागार में बोले, कृषि विभाग के डा जतिंदर
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। धान की फसल बटोरने के बाद पराली को आग के हवाले करने वाले किसानों की अब खैर नहीं है। सरकार ने मामले की गंभीरता के देखते हुए पराली जलाने वाले किसानों को लेकर जुर्माना राशि तय कर दी है। अवशेष जलाने वाले किसानों को अब फसल के रकबे के मुताबिक जुर्माना लगेगा। सरकार की ओर से दो एकड़ तक अवशेष जलाने पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ पर 5 हजार और 5 से अधिक एकड़ पर फसल अवशेष जलाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। यह जानकारी कृषि विभाग के डा जतिंदर ने दी। वह शुक्रवार को जिला सचिवालय के सभागार में आयोजित कानूनी साक्षरता शिविर में लोगों को संबोधित कर रहे थे। शिविर में पंच और सरपंच समेत करीब तीन सौ लोगों ने हिस्सा लिया। इससे पूर्व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विवेक गोयल ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय-समय पर गांवों में कानूनी साक्षरता शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों मे ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए अपना रचनात्मक सहयोग दें। इस बार शिविर आयोजित होने से 2 दिन पहले गांव में मुनादी करवा कर लोगों को सूचित करें। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिवक्ता मनवीर राठी ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि वरिष्ठ नागरिक द्वारा अपनी संपत्ति पुत्रों के नाम कर दी है और पुत्र उनकी देखभाल नहीं करते तो ऐसे में अधिनियम के तहत वे संपत्ति दोबारा अपने नाम करवा सकते हैं। एडवोकेट कंचन बाला ने पीएनडीटी अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एडवोकेट शलिंदर कौर ने घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में जानकारी दी। अधिवक्ता हरजिंदर कौर ने पोस्को एक्ट की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर तहसीलदार वरिंदर गिल्ल सहित सरपंच, पंच, नंबरदार व आशा वर्कर उपस्थित थे।