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नगर निगम ने लिया डेंगू और मलेरिया से निपटने को मशीनों का सहारा

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निगम ने लिया डेंगू और मलेरिया से निपटने को मशीनों का सहारा
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। निगम ने डेंगू और मलेरिया के मच्छरों से निजात पाने के लिए मशीनों का सहारा लिया है। शहर में नासा की दस मशीनों को लगाया जाएगा। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी नासा द्वारा बनाए गई है। इन 10 मशीनों की कीमत 25 लाख रुपये है और यह सभी मशीनें स्लम एरिया में लगाई जाएंगी। जिसमें राजीव कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, नाड़ा साहिब, बानपुर, भैंसा टिब्बा, पिंजौर में बंगाला बस्ता, कालका में भैरो की सैर और खड़क मंगोली गांव शामिल हैं। मच्छर को मारने की यह मशीनें गर्मी संवेदन और कार्बन डाई ऑक्साइड का पता लगाने के बाद खुद ही मच्छरों को अपनी ओर खींचकर मार देती है। थर्मल इमेजरी और गैस निकलने पर मशीन मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती है और उसके बाद मार देती है। इस मशीन को नासा के वैज्ञानिकों ने मच्छरों पर स्टडी के बाद डेवलप किया है, आमतौर पर मच्छर इंसान का खून चूसते हैं, वैज्ञानिकों ने एक जगह इंसान का खून रखा, देखा कि मच्छर ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ली। इसके बाद कार्बन डाई ऑक्साइड से मच्छरों को आकर्षित करने की कोशिश की गई। तो भी मच्छर आकर्षित नहीं हुए इसके बाद ह्यूमन टेंपरेचर मेंटेन कर कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ी गई तो मच्छर इस ओर आकर्षित होने लगे। इस स्टडी के आधार पर ही नासा के वैज्ञानिकों ने मच्छर मारने की टेक्नोलॉजी को विकसित किया। मच्छर जब मशीन पर बैठेंगे तो ये मच्छरों को अपने अंदर खींच लेगी। मशीन में लगे ब्लेड मच्छरों को खत्म कर देंगे। नगर निगम के प्रशासक राजेश जोगपाल ने बताया कि करीब 25 किलोग्राम की यह मशीन एक किलोमीटर एरिया के मच्छरों को आकर्षित करती हैं। ह्यूमन टेम्प्रेचर और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने वाली मशीन पर जब मच्छर बैठते हैं, तो यह उन्हें अंदर खींच लेती हैं। इस मशीन में अंदर लगे ब्लेड मच्छरों को खत्म कर देते हैं।
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