कालका में डेंगू से महिला की मौत
कालका सीएचसी से पहले पंचकूला फिर जीएमसीएच किया रेफर
शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान महिला ने चंडीगढ़ में दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो।
कालका।
कालका में डेंगू से महिला की मौत हो गई। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। मृतका अनुपमा (46) के पति भूषण कुमार ने बताया कि बुधवार दोपहर को अनुपमा को बुखार हुआ था। वह नार्मल बुखार ही समझ दवा लेती रही। वीरवार को तबीयत ज्यादा खराब होने पर निजी अस्पताल में चेकअप कराया। यहां अनुपमा के प्लेटलेट्स 50 हजार आए। इसके बाद अनुपमा को सीएचसी कालका में भर्ती करवाया गया, जहां से अनुपमा को पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। भूषण ने बताया कि उन्होंने नागरिक अस्पताल में उसे भर्ती कर दिया। बृहस्पतिवार रात जब अनुपमा का दोबारा टेस्ट किया गया तो उसके प्लेटलेट्स मात्र 7 हजार रह गए थे, जिसके बाद पंचकूला के डॉक्टरों ने उसे जीएमसीएच सेक्टर 32 रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर डेंगू द्वारा मौत की खबर मिलने पर विधायक लतिका शर्मा ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। इसी तरह डेंगू के खौफ का आलम यह है कि रोजाना करीब 150 लोग वायरल होने पर भी टेस्ट कराने सीएचसी पहुंच रहे हैं।
एसएमओ बोले-17 टीमें शहर में लगाईं
कालका के एसएमओ डॉ राजीव नरवाल का कहना है कि शहर में 17 टीमें काम कर रहीं हैं। 12 टीमें लोगों को जागरूक करने के लिए खेड़ासीताराम व 5 टीमें अन्य जगह पर फॉगिंग के लिए भेजी हैं। उधर, मलेरिया आफिसर अनीता वासुदेव का कहना है कि परवाणू में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर खेड़ा सीताराम में रहते हैं। इस लिए परवाणु ईएसआई से रिपोर्ट होकर आए केसों में से ज्यादातर केस कालका के थे। उन्होंने कहा कि अनुपमा की डेंगू की नेगेटिव रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है।
बॉक्स
25 जून से 20 अगस्त तक : 489 परवाणु ईएसआई से रिपोर्ट होकर आए डेंगू के मामले
कालका के केस : 204
जिनके घर का पता चला : 60-70
डेंगू पॉजिटिव : 2 (खेडा सीता राम)।
कालका पिंजौर के कुल 13 मामले जिनमें से 8 ठीक हो गए हैं जबकि पांच का इलाज चल रहा है।