सीएम ने किया अंतर जिला परिषद का गठन
सीधा संवाद कर अधिकारियों से मांगे ओपन हाउस में सुझाव
- जिला परिषदों के लिए स्वतंत्र मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त
- एक मिनट का मौन व्रत रख पूर्व प्रधानमंत्री अटल को दी श्रद्धांजलि
- 30 अगस्त लोकतंत्र के इतिहास में प्रदेश ने स्वर्ण अक्षरों में लिखा
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। पढ़ी-लिखी पंचायत देकर देश के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत करने के बाद अब प्रदेश सरकार ने अंतरराजीय परिषद् की तर्ज पर अंतर जिला परिषद का न केवल गठन किया, बल्कि पंचकूला सेक्टर-14 स्थित किसान भवन में आयोजित उसकी पहली बैठक में ही जन प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीधा संवाद कर उनसे ओपन हाउस में सुझाव आमंत्रित किए।
मुख्यमंत्री ने अंतर जिला परिषद की बैठक की विधिवत शुरुआत करते हुए कहा कि लोकतंत्र शासन प्रणाली में आज का दिन ऐतिहासिक है। हरियाणा गठन को लगभग 52 वर्ष हो गए हैं। जिस भावना से 2014 में प्रदेश के लोगों ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंप कर राज पलटा था, उसके बाद हमने पिछले चार वर्षों में शासन की व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन किया है, जिसका बड़ा उदाहरण आज की यह अंतर जिला परिषद का गठन और उसकी पहली बैठक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993-94 में संविधान में संशोधन किया गया था, लेकिन उस पर भी हरियाणा आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने कहा कि अब से पहले पंचायती राज की शक्तियां राज्य सरकार के पास थीं, आज कुछ विभागों के कार्य लोकतंत्र की छोटी सरकारों को सौंपने का निर्णय लिया हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ी-लिखी पंचायत देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक सरकार ने लड़ाई लड़ी और 45 दिन तक सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के बाद न्यायालय ने हरियाणा सरकार के फैसले को सही ठहराया और अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने को कहा।
सीएम ने किया अधिकारियों के अधिकार में परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आज से जिला परिषदों के लिए स्वतंत्र रूप से मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त होंगे। इसके अलावा अतिरिक्त उपायुक्त व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलग-अलग होंगे। जिला परिषद के अध्यक्षों को मुख्य कार्यकारी अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट लिखने के लिए अधिकृत होंगे। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी जिला परिषद के अध्यक्ष होंगे। आज से उपायुक्त जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सह अध्यक्ष नहीं होंगे।
स्वच्छता कार्य देखने को पंचायत समितियां अधिकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवधाम विकास योजना के तहत जिला परिषद, श्मशान घाटों व कब्रिस्तानों में पक्का रास्ता, चारदीवारी, शेड तथा पानी की व्यवस्था का काम देखेंगे। मुख्यमंत्री ने पंचायत समितियों को स्वच्छता का कार्य देखने के लिए अधिकृत किया। हर पंचायत समिति में स्वच्छता निरीक्षक नियुक्त किया जाएगा तथा जिला परिषद में इंजीनियरिंग विंग की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिले की सभी नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के लिए एक नोडल अधिकारी स्वतंत्र रूप से नियुक्त किया जाएगा। स्थानीय निकायों को जलापूर्ति, विज्ञापन के होर्डिंग, मोबाइल टावर से भी राजस्व जुटाने का अनुरोध किया।
हर तीन महीने में होगी बैठक: सीएम
पंचकूला। मुख्यमंत्री ने अंतर जिला परिषद की बैठक की सफलता को देखते हुए इसे पहले साल में हर तीन महीने में आयोजित करने का सुझाव दिया। छह घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में उन्होंने कहा कि तीन स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं व स्थानीय निकाय पंचायतों को इंट्रा जिला परिषद भी गठित करनी चाहिए और संसद व विधानसभा की तर्ज पर सत्र बुलाए जाने चाहिए ताकि अंतर जिला परिषद के लिए एजेंडा तैयार करने में आसानी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिला परिषद का अलग से कार्यालय भवन होगा, जिसमें जिला ग्रामीण विकास अधिकरण का कार्यालय भी होगा। वर्तमान में सात जिलों में जिला परिषद के अपने कार्यालय भवन हैं और शेष 15 जिलों में शीघ्र ही निर्माण करवाया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं में राजस्व बढ़ाने के तौर तरीके खोजने होंगे। बैठक तीन सत्रों में आयोजित की थी।
जिला परिषदों का अब शोषण नहीं दोहन होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषदों का अब से शोषण नहीं दोहन होगा। सरकारी कामों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी और राजस्व जुटाने के उन्हें संसाधन जुटाने होंगे। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थानों को मैचिंग ग्रांट के आधार पर सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी।
पंचायत प्रतिनिधियों के लिए सरकार गंभीर: धनखड़
ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओपी धनखड़ ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन ही नहीं आज रूपांतरण करके हमने पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधियों को महसूस करवा दिया कि सरकार उन्हें सशक्त बनाने की ओर कितनी गंभीर है। वहीं, वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए अपने भाषण में कहा कि मुख्यमंत्री का विजन है कि पंचायती राज के जन प्रतिनिधियों को तीन एफ अर्थात फंक्शन, फंक्शनरी व फंड पर फोकस देकर सामर्थ होकर आगे बढ़ना होगा।
आधारभूत सुविधाएं देने के लिए सरकार कटिबद्ध : कविता जैन
हरियाणा की स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने कहा है कि लोगों तक सभी आधारभूत सुविधाएं देने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 82 शहरी स्थानीय निकाय कार्य कर रहे हैं, जिनमें नगर पालिका, नगर परिषद व नगर निगम शामिल हैं। प्रदेश की शहरी स्थानीय निकायों में 100 से अधिक नागरिक सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में सिटीजन हेल्प सेंटर शुरू किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों के जन प्रतिनिधियों को विशेष अधिकार दिये गए हैं वे अपने अधिकारों को जानकर प्रदेश के लोगों के विकास के लिए परियोजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के वार्डों में हर महीने स्वच्छता प्रतियोगिताएं करवाई जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं में विजेता नगर निगम को दो लाख और नगर परिषद को एक लाख तथा नगर कमेटी को 50 हजार व रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी 50 हजार रुपये दिये जाते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मीटिंग की शुरुआत करने से पहले पूर्व प्रधानमंत्री अलट जी को याद किया और उन्होंने मीटिंग हाल में उपस्थित प्रदेश के पंचायत सदस्यों व अधिकारियों के साथ एक मिनट के लिए मौन व्रत रखकर श्रद्धांजलि दी।
अंतर जिला परिषद गठन के ये बने गवाह
बैठक में विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, कालका विधायक लतिका शर्मा, मुख्य सचिव डीएस ढेसी, हरियाणा स्वर्ण जयंती वित्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक व अंतर जिला विकास परिषद के सदस्य सचिव विवेक जोशी, वित्त विभाग के प्रधान सचिव टीवीएसन प्रसाद, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण, ग्राम व पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, पंचकूला के उपायुक्त मुकुल कुमार, डीसीपी अभिषेक जोरवाल, अतिरिक्त उपायुक्त जगदीप ढांडा के अलावा जिला परिषदों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं, नगर निगमों, पंचायत समितियों के अध्यक्ष, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।