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बौद्धिक विकास के लिए पार्कों में लग रही क्लास

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बौद्धिक विकास के लिए पार्कों में लग रही क्लास
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- सिटी में विवेकानंद केंद्र के कार्यकर्ताओं के माध्यम से हो रहा बच्चों का विकास
- सप्ताह के अलग- अलग दिनों में कार्यकर्ता सिखाते बच्चों को नैतिकता के गुण

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। भागदौड़ भरी जिंदगी में समाज के किसी भी व्यक्ति के पास इतना समय नहीं कि देश के भावी भविष्य यानी किशोरावस्था के बच्चों को नैतिकता के गुण सिखाए। लेकिन एक संस्था ऐसी भी है जिसके कार्यकर्ता नि:स्वार्थ होकर गरीब व अमीर परिवारों के बच्चों को बुलाकर उन्हें शिष्टाचार व संस्कार सिखाते है। इस संस्था का नाम है स्वामी विवेकानंद शिला स्मारक केंद्र पंचकूला। ये केंद्र सेक्टर-11 पंचकूला के मकान नंबर-60 में स्थित है। संस्था की कार्यकर्ता शैईलजा कवि और भाग्यश्री बच्चों के साथ समय व्य तीत करती है। कार्यकर्ता शैईलजा के अनुसार वह पिछले 25 सालों से संस्था के साथ जुड़ी है। पिछले चार सालों से वह पंचकूला में है। उनके कार्यकर्ता सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सेक्टर-11 पंचकूला, हरमिलाप नगर व बलटाना के पार्क में जाकर बच्चों को इकट्ठा कर उनसे अलग-अलग एक्टिवटी करवाते हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास करना है।

स्कूल न जाने वाली लड़कियों की पढ़ाई के लिए जुड़ी टीचर माया
हरमिलाप नगर के पार्क में बुधवार को आई कार्यकर्ता भाग्यश्री के अनुसार उनके पास हरमिलाप नगर से 17 बच्चे आते है जिनमें कुछ ऐसी लड़किया भी हैं। जिनके मां-बाप उन्हें घर के कामों में उलझाए रखते है और उन्हें पढ़ने के लिए नहीं भेजते। ऐसी बच्चियों के लिए संस्था की ओर से किताबों व पेन पेंसिल की व्यवस्था भी की गई है जिन्हें पढ़ाने के लिए भवन विद्यालय सेक्टर-15 की स्टूडेंट भी अब हमारे साथ जुड़ चुकी हैं। बता दें सेक्टर-11 के शिविर में 25 और बलटाना में 23 बच्चे भाग लेते हैं।
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एक्टिविटी के साथ-साथ प्रतियोगिता का आयोजन भी करती संस्था
विवेकानंद संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा कराई जाने वाली एक्टिविटी में बच्चों की मानसिक क्षमता चेक की जाती हैं। जिसमें कार्यकर्ता नंबरों के आधार पर खाना उठाना, खाना व फेंकना जैसी विभिन्न प्रतिक्रियाओं को इशारों से करवाती है। प्रतिक्रिया के दौरान कार्यकर्ता नंबरों की अदला-बदली कर चेक करती है कि बच्चों का दिमाग कितना तेज है। इसके अलावा बता दें कि संस्था की ओर से पंचकूला केंद्र ऑफिस में चर्चा में रहे विषयों पर समूह चर्चा, गायन, क्विज, खेल, पाठन जैसी कई अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता हैं।
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संस्था के माध्यम से बच्चों ने अपनाई अच्छी आदतें
संस्था के साथ जुड़ी भवन विद्यालय की टीचर माया ने बताया कि उन्हें संस्था के साथ जुड़े हुए एक साल हो चुका हैं। तब से उन्होंने देखा कि बच्चों ने शिविर में सिखाई जाने वाली अच्छी आदतों को अपनाना शुरू कर दिया है। जैसे जो बच्चे पहले नहाते नहीं थे वह अब नहा धोकर शिविर में आते हैं। जिन्हें देखकर बहुत खुशी होती है।
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